“आ गया मैं दुनियादारी सारी बाबा छोड़ के” की गूंज में डूबा उत्सव परिसर “
मथुरा। ब्रजभूमि की पावन धरती पर ब्रज रज उत्सव के दूसरे दिन सोमवार को धौली प्याऊ स्थित रेलवे ग्राउंड में भक्ति और उत्साह का अद्भुत संगम देखने को मिला। प्रसिद्ध भजन गायक कन्हैया मित्तल की भजन संध्या में हजारों की संख्या में श्रद्धालु शामिल हुए और उनके सुरों पर झूम उठे। जैसे ही कन्हैया मित्तल मंच पर पहुंचे, पूरा पंडाल तालियों और जयकारों से गूंज उठा। उन्होंने कहा —
“ब्रजभूमि की यह पवित्र धरा स्वयं भक्ति का प्रतीक है, यहाँ गाना मेरे लिए सौभाग्य की बात है।”
हल्की बूंदाबांदी के बीच उन्होंने अपनी प्रसिद्ध पंक्तियों —
“आ गया मैं दुनियादारी सारी बाबा छोड़ के, हार गया मैं इस दुनिया से अब तो दामन थाम… लेने आ जा खाटू वाले मथुरा के इस मोड़ से…”
से कार्यक्रम की शुरुआत की, तो पूरा परिसर भक्ति के सागर में डूब गया। इसके बाद उन्होंने एक के बाद एक भावपूर्ण और ऊर्जावान प्रस्तुतियाँ दीं — “सिया राम जी के दूत वो खास बाला जी”, “हर हर महादेव, बोलो जयकारा… बम बम बोले…”, और “मेरा कोई नहीं है तेरे सिवा श्याम…” जैसे लोकप्रिय भजनों पर श्रद्धालु तालियों और जयकारों से झूम उठे। कभी भावविभोर तो कभी उत्साहित, भक्तजन हाथ जोड़कर नाचते, गाते और मित्तल के सुरों में सुर मिलाते रहे। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में ब्रिगेडियर देवेन्द्र प्रताप सिंह, जिलाधिकारी चंद्र प्रकाश सिंह, उत्तर प्रदेश ब्रज तीर्थ विकास परिषद के सीईओ श्याम बहादुर सिंह, विकास प्राधिकरण के सचिव अरविंद द्विवेदी तथा ओएडी प्रसून द्विवेदी सहित कई गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे। उत्तर प्रदेश ब्रज तीर्थ विकास परिषद, पर्यटन विभाग और जिला प्रशासन के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित ब्रज रज उत्सव में भक्ति संगीत के साथ-साथ ब्रज संस्कृति की झलक भी देखने को मिली। पारंपरिक वेशभूषा में सजे कलाकारों की झांकियाँ, लोकनृत्य और ग्रामीण कला प्रदर्शनियों ने पूरे उत्सव को भव्य स्वरूप प्रदान किया। शाम ढलते ही दीपों की जगमगाहट और शंखध्वनि से पूरा परिसर आलोकित हो उठा। भक्ति, संगीत और ब्रज संस्कृति को समर्पित इस दूसरे दिन के आयोजन में आस्था और आनंद का अनोखा संगम देखने को मिला। श्रद्धालु देर रात तक भजनों के सुरों पर झूमते रहे।





