अपनी उम्दा शायरी के लिए दुनियाभर में मशहूर शायर ताहिर फ़राज़
29 जून 1953 को उत्तर प्रदेश के बदायूं में जन्मे ताहिर फ़राज़ का बचपन से ही शायरी के प्रति गहरा […]
ग़ज़ल
अँधेरों में उजाला आदमी हूँ नज़ारों का नज़ारा आदमी हूँ सभी पहचानते हैं अच्छी तरह से ज़माने में निराला आदमी […]
जहाँ कक्षा बंद है और नारा ज़िंदा
शिक्षा के काग़ज़ी जहाज़ सत्ता की नहर में डुबोए जा रहे हैं, कक्षाओं पर ताले जड़ दिए गए हैं और […]
ग़ज़ल
लेकर बड़े सवाल वो रण में उतर गयाउसका जुनून पल में बड़े काम कर गया साहस बड़े-बड़े वो सनकपन में […]
लघुकथा : हौसलों की उड़ान
दिसंबर माह का अंतिम सप्ताह चल रहा था। ठंडी हवा के झोंके मैदान में फैले घास के तिनकों को सहला […]
पुस्तक समीक्षा: इं. हेमन्त कुमार की ऐतिहासिक कृति
“कारगिल युद्ध के अमर बलिदानी नायक अशोक कुमार” सुप्रसिद्ध इतिहासकार, वैज्ञानिक व पर्यावरण कार्यकर्ता इंजीनियर हेमन्त कुमार की पुस्तक “कारगिल […]
ग़ज़ल
ज़ख्म दिलपर है लगा कुछ तो करो है सियासी पैतरा कुछ तो करो अब नहीं है कुछ बचा […]
दिल वालों की दिल्ली
पिछले 11 सालों से दिल्ली जहरीली हवा में सांस ले रही है कुछ समय तक पराली जलाने को दोष दिया […]
आचार्य महावीर प्रसाद द्विवेदी : ऐसो को उदार हिन्दी जग माहीं..
बोलियों में बंटी हिंदी भाषा को परिमार्जित करके भारतेन्दु हरिश्चंद्र द्वारा प्रारंभ किए आधुनिक खड़ी बोली हिंदी आंदोलन को सफलता […]
ग़ज़ल
जब भी देखे मधुशाला हो जाये मन मतवाला अच्छे की मत आशा रख सोच समझ का जो काला उस पर […]





