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तितली के पंखों पर : स्त्री-अस्मिता, आस्था और आत्मानुभूति की उज्ज्वल यात्रा

तितली के पंखों पर : स्त्री-अस्मिता, आस्था और आत्मानुभूति की उज्ज्वल यात्रा

Jan Saamna Admin Feb 25, 2026 4 min read

शिक्षा सदन इंटर कॉलेज मेहवडकलां,रुड़की जनपद-हरिद्वार की प्रख्यात हिन्दी शिक्षिका एवं साहित्य साधिका डॉ. मेनका त्रिपाठी की कृति “तितली के […]

जीवन मधुर गीत है

जीवन मधुर गीत है

Jan Saamna Admin Feb 18, 2026 1 min read

जीवन मधुर गीत है, सुमधुर संगीत है। ये है माँ की मीठी लोरी में, बाबा के चुप जज़्बातों में। प्रिय […]

‘शिकस्त’—एक उपन्यास नहीं, एक वैचारिक यात्रा

‘शिकस्त’—एक उपन्यास नहीं, एक वैचारिक यात्रा

Jan Saamna Admin Feb 7, 2026 3 min read

किसी भी समाज की आत्मा उसके साहित्य में बसती है, और साहित्य की प्रामाणिकता उस संवेदना में, जो जीवन की […]

अपनी उम्दा शायरी के लिए दुनियाभर में मशहूर‌ शायर ताहिर फ़राज़

अपनी उम्दा शायरी के लिए दुनियाभर में मशहूर‌ शायर ताहिर फ़राज़

Jan Saamna Admin Jan 27, 2026 4 min read

29 जून 1953 को उत्तर प्रदेश के बदायूं में जन्मे ताहिर फ़राज़ का बचपन से ही शायरी के प्रति गहरा […]

ग़ज़ल

ग़ज़ल

Jan Saamna Admin Jan 24, 2026 1 min read

अँधेरों में उजाला आदमी हूँ नज़ारों का नज़ारा आदमी हूँ सभी पहचानते हैं अच्छी तरह से ज़माने में निराला आदमी […]

जहाँ कक्षा बंद है और नारा ज़िंदा

जहाँ कक्षा बंद है और नारा ज़िंदा

Jan Saamna Admin Jan 16, 2026 1 min read

शिक्षा के काग़ज़ी जहाज़ सत्ता की नहर में डुबोए जा रहे हैं, कक्षाओं पर ताले जड़ दिए गए हैं और […]

ग़ज़ल

ग़ज़ल

Jan Saamna Admin Jan 9, 2026 1 min read

लेकर बड़े सवाल वो रण में उतर गयाउसका जुनून पल में बड़े काम कर गया साहस बड़े-बड़े वो सनकपन में […]

लघुकथा : हौसलों की उड़ान

लघुकथा : हौसलों की उड़ान

Jan Saamna Admin Dec 29, 2025 4 min read

दिसंबर माह का अंतिम सप्ताह चल रहा था। ठंडी हवा के झोंके मैदान में फैले घास के तिनकों को सहला […]

पुस्तक समीक्षा: इं. हेमन्त कुमार की ऐतिहासिक कृति

पुस्तक समीक्षा: इं. हेमन्त कुमार की ऐतिहासिक कृति

Jan Saamna Admin Dec 26, 2025 3 min read

“कारगिल युद्ध के अमर बलिदानी नायक अशोक कुमार” सुप्रसिद्ध इतिहासकार, वैज्ञानिक व पर्यावरण कार्यकर्ता इंजीनियर हेमन्त कुमार की पुस्तक “कारगिल […]

ग़ज़ल 

ग़ज़ल 

Jan Saamna Admin Dec 25, 2025 1 min read

ज़ख्म दिलपर है लगा कुछ तो करो है  सियासी   पैतरा  कुछ   तो  करो अब नहीं ‌है कुछ बचा […]

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