आगरा/मथुरा। रेलवे प्रशासन ने यात्रियों, श्रद्धालुओं और आम नागरिकों से अपील की है कि मेले अथवा धार्मिक यात्राओं के दौरान रेलवे ट्रैक और समपार फाटक (लेवल क्रॉसिंग) के आसपास विशेष सावधानी बरतें। रेलवे ट्रैक के ऊपर से गुजरने वाले ओवरहेड विद्युत तारों में लगभग 25,000 वोल्ट की उच्च वोल्टेज विद्युत प्रवाहित होती है, जो अत्यंत खतरनाक होती है।
रेलवे अधिकारियों ने बताया कि मेले या धार्मिक यात्राओं के दौरान रेल पटरियों के समीप से गुजरते समय पतंग, धातु के पाइप, डंडे या लंबी छड़ी को ऊपर की ओर उठाकर न चलें। साथ ही किसी भी वाहन की छत पर बैठकर यात्रा करने से भी बचें, क्योंकि इससे ओवरहेड विद्युत तारों के संपर्क में आने का गंभीर खतरा बना रहता है।
बताया गया कि वर्तमान में आगरा मंडल के लगभग सभी रेल खंडों पर विद्युत कर्षण प्रणाली के अंतर्गत रेलगाड़ियों का संचालन किया जा रहा है। ऐसे में यदि डंडा, छड़ी, धातु का पाइप, झंडे का डंडा या पतंग की डोर ओवरहेड विद्युत तारों के संपर्क में आ जाती है तो तेज विद्युत करंट लग सकता है, जिससे गंभीर चोट या जानलेवा दुर्घटना हो सकती है।
इसके अतिरिक्त रेलवे ट्रैक पर तेज गति से रेलगाड़ियों का आवागमन होता है। ऐसे में रेल पटरियों के समीप अनावश्यक रूप से ठहरना, भीड़ लगाना या सावधानी न बरतना दुर्घटनाओं की संभावना को बढ़ा सकता है।
रेलवे प्रशासन ने सभी नागरिकों, यात्रियों और श्रद्धालुओं से अपील की है कि वे सुरक्षा नियमों का पालन करें, रेल पटरियों के आसपास सतर्कता बनाए रखें और सुरक्षित एवं सुचारु रेल संचालन में सहयोग करें, ताकि किसी भी प्रकार की अप्रिय घटना से बचा जा सके और सभी की यात्रा सुरक्षित बनी रहे।





