मथुरा। मंडल रेल प्रबंधक आगरा गगन गोयल के निर्देशन तथा वरिष्ठ मंडल सुरक्षा आयुक्त पी. राज मोहन के मार्गदर्शन में रेलवे सुरक्षा बल (आरपीएफ) द्वारा संचालित ‘ऑपरेशन नन्हे फरिश्ते’ के तहत जनवरी से मई 2026 के बीच आगरा मंडल में 60 पीड़ित बच्चों को सुरक्षित बचाया गया। आरपीएफ का यह अभियान रेलवे स्टेशनों और ट्रेनों में भटक रहे, लापता, अपहृत, मानसिक रूप से अस्वस्थ तथा बेघर बच्चों की पहचान कर उन्हें सुरक्षित संरक्षण उपलब्ध कराने के उद्देश्य से चलाया जा रहा है। ‘ऑपरेशन नन्हे फरिश्ते’ जरूरतमंद बच्चों के लिए एक महत्वपूर्ण सहारा बनकर उभरा है।
आंकड़ों के अनुसार बचाए गए 60 बच्चों में 35 लड़के और 25 लड़कियां शामिल हैं। इनमें आगरा छावनी स्टेशन से 3 लड़के और 6 लड़कियां, आगरा किला स्टेशन से 14 लड़के और 4 लड़कियां, मथुरा जंक्शन से 14 लड़के और 6 लड़कियां, अछनेरा जंक्शन से 1 लड़का, धौलपुर स्टेशन से 4 लड़कियां तथा कोसीकलां स्टेशन से 3 लड़के और 4 लड़कियां सुरक्षित बरामद की गईं। आरपीएफ अधिकारियों के अनुसार अभियान के दौरान ऐसे बच्चों की पहचान की गई जो विभिन्न कारणों से अपने परिवारों से बिछड़ गए थे या असुरक्षित परिस्थितियों में रेलवे परिसरों में भटक रहे थे। बच्चों को सुरक्षित बचाने के बाद उन्हें संबंधित एजेंसियों एवं परिजनों के सुपुर्द करने की कार्रवाई की गई।
आरपीएफ का कहना है कि इस अभियान के माध्यम से न केवल बच्चों को सुरक्षित बचाया जा रहा है, बल्कि घर से भागने वाले और लापता बच्चों की समस्या के प्रति समाज में जागरूकता भी बढ़ाई जा रही है। अधिकारियों के अनुसार ‘ऑपरेशन नन्हे फरिश्ते’ का दायरा लगातार विस्तारित किया जा रहा है, ताकि अधिक से अधिक बच्चों को सुरक्षित संरक्षण प्रदान किया जा सके।





