मथुरा। आगरा मंडल के मथुरा जंक्शन पर मंडल रेल प्रबंधक आगरा गगन गोयल के निर्देशन में 8वीं राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (एनडीआरएफ), गाज़ियाबाद और रेलवे द्वारा संयुक्त मॉक ड्रिल का सफल आयोजन किया गया। इस मॉक ड्रिल में रेलवे के परिचालन, इलेक्ट्रिकल, मैकेनिकल, इंजीनियरिंग, मेडिकल, सिविल डिफेंस, स्काउट एवं गाइड, एआरटी/आगरा, एआरएमवी/आगरा के साथ मथुरा जनपद की पुलिस, अग्निशमन विभाग एवं चिकित्सा टीमों ने मिलकर भाग लिया।
संयुक्त मॉक ड्रिल का मुख्य उद्देश्य आपात स्थिति में रेलवे आपदा प्रबंधन टीम, एनडीआरएफ और जिला प्रशासन के समन्वय से त्वरित एवं प्रभावी बचाव कार्य करना था, ताकि संकट की घड़ी में अधिक से अधिक लोगों की जान बचाई जा सके और नुकसान कम से कम हो। मॉक ड्रिल में अपर मंडल रेल प्रबंधक (इंफ्रा) प्रनव कुमार, वरिष्ठ मंडल संरक्षा अधिकारी आफताब अहमद, डिप्टी कमांडेंट एनडीआरएफ रविन्द्र कुमार सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।
एनडीआरएफ प्राकृतिक और मानव निर्मित दोनों प्रकार की आपदाओं में राहत-बचाव कार्य करती है। बाढ़, भूकंप, चक्रवात, रासायनिक दुर्घटनाओं आदि में यह विशेष बल राज्य एवं जिला प्रशासन के साथ मिलकर त्वरित कार्रवाई करता है।
मथुरा जंक्शन पर आयोजित मॉक ड्रिल में सुबह 10:49 बजे गाड़ी संख्या 03155 झांसी–अमृतसर स्पेशल एक्सप्रेस के अवपथन और एक कोच में आग लगने की सूचना प्रसारित की गई। सूचना मिलते ही रेलवे, अग्निशमन, पुलिस तथा मेडिकल टीमें सक्रिय हो गईं। संयुक्त प्रयासों से आग पर नियंत्रण पाया गया। इसके बाद एनडीआरएफ टीम ने कोच की खिड़की और छत को काटकर घायल व बेहोश यात्रियों को बाहर निकाला तथा उन्हें एआरएमवी/आगरा एवं जिला चिकित्सा टीम को प्राथमिक उपचार हेतु सुपुर्द किया। गंभीर घायलों को तुरंत एम्बुलेंस से अस्पताल भेजा गया।
इस दौरान टिकट निरीक्षक, ट्रेन मैनेजर, लोको पायलट, कोच अटेंडेंट, एसी मैकेनिक और स्टेशन स्टाफ द्वारा दुर्घटना की स्थिति में की जाने वाली आवश्यक कार्रवाइयों का भी प्रदर्शन किया गया। दोपहर 13:42 बजे अधिकारियों द्वारा यह जानकारी दी गई कि यह पूरी प्रक्रिया एक संयुक्त मॉक ड्रिल का हिस्सा थी, वास्तविक दुर्घटना नहीं।
एनडीआरएफ गाज़ियाबाद की टीम का नेतृत्व डिप्टी कमांडेंट रविन्द्र कुमार ने किया, जिसमें लगभग 35 प्रशिक्षित कर्मियों ने हिस्सा लिया। विभिन्न विभागों के बीच समन्वय और त्वरित कार्रवाई की सराहना की गई।
जन संपर्क अधिकारी कु. प्रशस्ति श्रीवास्तव ने बताया कि आपातकालीन स्थितियों में स्थानीय संसाधनों की उपलब्धता और त्वरित निर्णय बेहद महत्वपूर्ण होते हैं। रेलवे की सूचना मिलते ही सभी विभागों ने तुरंत कार्यवाही शुरू कर दी, जिससे यह अभ्यास सफल रहा। इस संयुक्त मॉक ड्रिल में रेलवे, एनडीआरएफ और सिविल प्रशासन के कुल 150 से अधिक अधिकारियों एवं कर्मचारियों ने भाग लिया।





