मथुरा। किसानों के मसीहा और पूर्व प्रधानमंत्री भारत रत्न चौधरी चरण सिंह की जयंती मथुरा में सादगीपूर्ण वातावरण में मनाई गई। मथुरा कांग्रेस जिलाध्यक्ष मुकेश धनगर के नेतृत्व में कचहरी परिसर स्थित चौधरी चरण सिंह की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की गई। इस अवसर पर कांग्रेस जिलाध्यक्ष मुकेश धनगर ने कहा कि भारत रत्न चौधरी चरण सिंह भारतीय लोकतांत्रिक इतिहास के ऐसे महान व्यक्तित्व थे, जिनका मूल्यांकन केवल उनके पदों से नहीं, बल्कि उनके विचारों, संघर्षों और किसान हितैषी नीतियों से किया जाता है। उन्होंने कहा कि चौधरी चरण सिंह सत्ता के शिखर तक पहुंचे, लेकिन उनकी जड़ें हमेशा खेत-खलिहान, किसान और ग्रामीण भारत से जुड़ी रहीं। उनका पूरा जीवन किसान चेतना, भूमि सुधार और सामाजिक न्याय के लिए समर्पित रहा।
मुकेश धनगर ने बताया कि चौधरी चरण सिंह का जन्म 23 दिसंबर 1902 को मेरठ जिले के नूरपुर गांव में हुआ था। ग्रामीण परिवेश में पले-बढ़े चौधरी चरण सिंह ने किसान जीवन की पीड़ा और सम्मान को निकट से समझा। वर्ष 1930 में गांधीजी के नमक सत्याग्रह के दौरान वे पहली बार जेल गए, जिसके बाद उनका व्यक्तित्व एक आंदोलनकारी और जननेता के रूप में उभरकर सामने आया।
कार्यक्रम के दौरान कांग्रेस जनों ने पुष्पांजलि अर्पित कर चौधरी चरण सिंह के विचारों को आत्मसात करने का संकल्प लिया। इस मौके पर आदित्य तिवारी, अप्रतिम सक्सेना, मनीष चौधरी, आबाद मोहम्मद, पीतम सिंह, नीरज यादव, मनोज शर्मा, पंकज चौधरी, संदीप चौधरी, अश्वनी शुक्ला, अभय प्रताप सिंह, शैलेंद्र चौधरी, देवेंद्र पाल, गब्बर चौधरी, दीपक दीक्षित, धीरज शर्मा, रमेश कश्यप, आशीष अग्रवाल, रवि वाल्मीकि, अशोक निषाद, करण निषाद सहित अनेक कांग्रेस कार्यकर्ता उपस्थित रहे।





