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बालिकाएं अपनी क्षमता और योग्यता से इतिहास रच सकती हैं

मथुरा: श्याम बिहारी भार्गव। वृंदावन बाल विकास परिषद के तत्वावधान में राष्ट्रीय बालिका दिवस के उपलक्ष्य में रूकमणि विहार स्थित श्याम सुंदर धानुका सरस्वती विद्या मंदिर में स्वर्गीय एकांशी की पुण्य स्मृति में बालिका गौरव सम्मान समारोह का आयोजन किया गया। समारोह में विभिन्न क्षेत्रों में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाली लगभग डेढ़ दर्जन बालिकाओं को स्टार परफॉर्मेंस अवार्ड से सम्मानित किया गया।

समारोह की अध्यक्षता चयनिका गौतम ने की। उन्होंने कहा कि “बेटी पढ़ाओ और समाज व राष्ट्र को आगे बढ़ाओ” की भावना को आत्मसात कर ही हम बालिकाओं का जीवन सुखमय और शांतिमय बना सकते हैं।

मुख्य अतिथि कृष्ण कुटीर महिला आश्रय सदन की अधीक्षिका शिल्पा मुरगई ने कहा कि यदि बालिकाएं अपनी योग्यता और क्षमता को पहचान लें, तो वे कल्पना चावला और किरण बेदी जैसा इतिहास रच सकती हैं। विशिष्ट अतिथि वीरा गंगवार एवं डॉ. तन्वी दुआ ने कहा कि भारत मातृशक्ति की ताकत के लिए पूरी दुनिया में जाना जाता है, जहां बालिकाओं को देवी स्वरूप माना जाता है।

सम्मानित अतिथि पूजा चौधरी एवं विजयलक्ष्मी सावत ने कहा कि बेटियां साहस और अभिमान का प्रतीक हैं। इस सोच के साथ हमें राष्ट्र को आगे बढ़ाना होगा। उन्होंने कहा कि बालिकाओं के बिना सृष्टि की कल्पना अधूरी है और ये बालिकाएं हर आंगन की आन, बान और शान हैं।

समारोह में भक्ति वर्मा, ममता, मधु बघेल, पूजा चतुर्वेदी, दीपा निषाद, समीक्षा, कोमल शर्मा, मेघा कुमारी, काव्या, प्रचेता तुमुंग, सोनिया, फागुनी वर्मा, यति सक्सेना और भक्ति को स्टार परफॉर्मेंस अवार्ड से सम्मानित किया गया।

इस अवसर पर आशीष गौतम चिंटू, कोविद गौतम, शैलेंद्र सिंह, चैतन्य कृष्ण शर्मा, विष्णु गोला, मुकेश कृष्ण शर्मा, अमित गौतम सहित अन्य गणमान्य लोग उपस्थित रहे।

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