नई दिल्ली। पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने दिल्ली में केंद्र सरकार और निर्वाचन आयोग पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि बंगाल के लोगों के साथ अत्याचार किया जा रहा है। वह मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) से प्रभावित परिवारों और तृणमूल कांग्रेस के नेताओं के साथ मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार से मुलाकात करने दिल्ली पहुंचीं।
ममता बनर्जी चुनावी राज्य पश्चिम बंगाल में मतदाता सूचियों के SIR को तत्काल रोकने की मांग कर रही हैं। उनके साथ तृणमूल कांग्रेस सांसद अभिषेक बनर्जी और कल्याण बनर्जी भी मौजूद थे। पिछले सप्ताह मुख्य निर्वाचन आयुक्त ने बनर्जी को सोमवार को मुलाकात का समय दिया था।
मुलाकात के बाद ममता बनर्जी ने आरोप लगाया कि निर्वाचन आयोग भाजपा के इशारे पर काम कर रहा है। उन्होंने कहा, “वे कहते हैं कि उन्होंने जो किया है, वह सही है। उन्होंने किसी भी बाहरी कैमरामैन को अंदर नहीं आने दिया। करीब दो करोड़ लोगों के नाम वोटर लिस्ट से हटा दिए गए हैं। मैं दिल्ली में लाखों लोगों को ला सकती हूं और उन्हें किसी के भी सामने परेड करवा सकती हूं।”
मुख्यमंत्री ने बंग भवन के बाहर भारी पुलिस तैनाती पर भी सवाल उठाए। पत्रकारों को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि बंगाल के लोग अपनी समस्याएं लेकर निर्वाचन आयोग के पास आए हैं, लेकिन उन्हें धमकाया जा रहा है।
सूत्रों के अनुसार, पश्चिम बंगाल में SIR से प्रभावित लगभग 50 परिवारों को राष्ट्रीय राजधानी लाया गया है। तृणमूल कांग्रेस नेताओं का दावा है कि निर्वाचन आयोग के शीर्ष अधिकारियों से मिलने वाले 12 प्रतिनिधि उन्हीं प्रभावित परिवारों में से हैं। इनमें वे लोग भी शामिल हैं जिन्हें कथित तौर पर गलत तरीके से मृत घोषित कर दिया गया, साथ ही उन लोगों के परिजन भी शामिल हैं जिनकी मृत्यु SIR प्रक्रिया से जुड़ी परेशानियों के कारण हुई।
दिल्ली में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान ममता बनर्जी ने कहा, “मैं अपने लोगों को देखने और दिल्ली पुलिस के अत्याचारों को देखने के लिए बंग भवन जा रही हूं।” उन्होंने आगे कहा, “जब गृह मंत्री बंगाल आते हैं तो हम उन्हें रेड कार्पेट देते हैं, लेकिन जब हम दिल्ली आते हैं तो हमें ब्लैक कार्पेट मिलता है। कृपया बंगाल के लोगों पर हो रहे अत्याचारों को रोका जाए, जिन्होंने अपनी जान गंवाई है।”
-Pic and story by Kamal Nain Narang





