➤ रेल कर्मियों ने दिखाई अपनी उत्कृष्ट प्रतिभा
रायबरेली। आधुनिक रेल डिब्बा कारखाना, रायबरेली में 21 मार्च 2026 से 25 मार्च 2026 तक आयोजित अखिल रेल हिंदी नाट्योत्सव का शुभारंभ रविवार, 22 मार्च 2026 को हुआ। कार्यक्रम का उद्घाटन मुख्य अतिथि, मुख्य राजभाषा अधिकारी एवं महानिरीक्षक सह प्रधान सुरक्षा आयुक्त रमेश चन्द्र तथा उपनिदेशक राजभाषा, रेलवे बोर्ड सतविंदर सिंह ने दीप प्रज्वलन कर किया।
उद्घाटन के उपरांत आरेडिका सांस्कृतिक संगठन द्वारा आकर्षक स्वागत नृत्य की प्रस्तुति दी गई। नाट्योत्सव की शुरुआत आरेडिका द्वारा प्रस्तुत नाटक “परिणति” से हुई, जिसे दर्शकों ने भरपूर सराहा और तालियों से उत्साहित किया। इस नाटक के लेखक विश्वेश्वर प्रसाद और निर्देशक अंगद सिंह कुशवाहा थे। प्रमुख भूमिकाओं में विश्वेश्वर प्रसाद, साधना कुमारी, अरविंद कुमार ओझा, श्वेता ओझा, आदित्य प्रकाश, अंगद, भारतेंदु, साक्षी और विनायक शामिल रहे। नाटक में संगीत एवं ध्वनि संयोजन विवेकानंद और दीपक ने किया, प्रकाश प्रभाव रजिंदर वर्मा एवं गिरीश ने प्रदान किए, जबकि रूप सज्जा का कार्य सविता ने किया।
प्रथम दिवस पर अन्य रेलवे संस्थाओं द्वारा प्रस्तुत उत्कृष्ट नाट्य प्रस्तुतियां:
- “पहला गोल” – दक्षिण रेलवे
- “ऑक्टोपस” – बनारस रेल इंजन कारखाना, वाराणसी
- “फ्लाइंग रानी” – दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे
- “द्रौपदी” – पूर्वोत्तर सीमांत रेलवे, गुवाहाटी
- “जिस लाहौर नहीं देख्या ओह जम्या नहीं (बंटवारा)” – उत्तर रेलवे
- “अहिंसा की विजय” – दक्षिण पश्चिम रेलवे
दूसरे दिन की प्रस्तुतियां:
- पूर्वोत्तर रेलवे – “प्रेसर”
- चितरंजन रेल इंजन कारखाना – “कालान्तर”
- पूर्व रेलवे – “महाभारत का गदा युद्ध”
- पूर्व तट रेलवे – “मृग कस्तूरी”
- पश्चिम रेलवे – “बताशा”
- दक्षिण पूर्व रेलवे – “खून एक है”
- मध्य रेलवे – “आधे-अधूरे”
- उत्तर पश्चिम रेलवे – “राजा मॉगे पसीना”
कार्यक्रम का मंच संचालन आरेडिका के राजभाषा अधिकारी राकेश रंजन द्वारा किया गया। नाट्योत्सव में रेल कर्मियों ने अपनी अद्वितीय प्रतिभा का प्रदर्शन कर दर्शकों का मन मोह लिया।





