लखनऊ। बाबासाहेब भीमराव अंबेडकर विश्वविद्यालय (बीबीएयू) में प्रथम नॉर्थ ईस्ट कल्चरल फेस्ट 2026 का भव्य आयोजन किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता कुलपति प्रो. राज कुमार मित्तल ने की, जबकि मुख्य अतिथि के रूप में डॉ. बोनिक चंद्र ब्रह्मा (आईएफएस), अतिरिक्त प्रधान मुख्य वन संरक्षक, पूर्वी क्षेत्र गोरखपुर उपस्थित रहे। कार्यक्रम में डीन ऑफ एकेडमिक अफेयर्स प्रो. एस. विक्टर बाबू तथा कार्यक्रम संयोजक डॉ. सोमीपेम आर. शिमरे भी मौजूद रहे। कार्यक्रम की शुरुआत दीप प्रज्वलन और बाबासाहेब की प्रतिमा पर पुष्पांजलि अर्पित कर की गई। इसके बाद विश्वविद्यालय कुलगीत प्रस्तुत किया गया और अतिथियों का पुष्पगुच्छ देकर स्वागत किया गया।
कार्यक्रम संयोजक डॉ. सोमीपेम आर. शिमरे ने सभी अतिथियों एवं प्रतिभागियों का स्वागत करते हुए कार्यक्रम की रूपरेखा और उद्देश्य पर प्रकाश डाला। कुलपति प्रो. राज कुमार मित्तल ने आयोजन समिति को सफल आयोजन के लिए बधाई देते हुए कहा कि उत्तर-पूर्व भारत तेजी से विकास के पथ पर अग्रसर है। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार की विभिन्न योजनाओं के माध्यम से इस क्षेत्र के युवाओं को नए अवसर मिल रहे हैं। उन्होंने कहा कि ऐसे सांस्कृतिक कार्यक्रम राष्ट्रीय एकता, सांस्कृतिक समरसता और आपसी समझ को मजबूत करते हैं।
मुख्य अतिथि डॉ. बोनिक चंद्र ब्रह्मा ने अपने संबोधन में उत्तर-पूर्व भारत की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत, परंपराओं, खान-पान, वेशभूषा और प्रकृति से गहरे जुड़ाव पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि इस क्षेत्र की “शेयरिंग संस्कृति” समाज में समानता और सामंजस्य का उत्कृष्ट उदाहरण है, जहां भिक्षावृत्ति और वृद्धाश्रम जैसी स्थितियां बहुत कम देखने को मिलती हैं।
कार्यक्रम के दौरान एक डॉक्यूमेंट्री भी प्रस्तुत की गई, जिसमें उत्तर-पूर्व भारत की जनजातीय परंपराएं, जीवनशैली और प्राकृतिक सौंदर्य को दर्शाया गया। इसके अलावा उत्तर-पूर्व के विद्यार्थियों ने पारंपरिक लोक नृत्य, गीतों और सांस्कृतिक प्रस्तुतियों से सभी का मन मोह लिया। कार्यक्रम में विभिन्न संकायों के संकायाध्यक्ष, विभागाध्यक्ष, शिक्षक, गैर-शिक्षण कर्मचारी, शोधार्थी एवं बड़ी संख्या में विद्यार्थी उपस्थित रहे।




