हाथरस। भारतीय किसान यूनियन (हरपाल गुट) के पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं ने किसानों व मजदूरों की विभिन्न समस्याओं को लेकर मंगलवार को तहसील परिसर में जोरदार प्रदर्शन किया। प्रदर्शन का नेतृत्व जिलाध्यक्ष राजकुमार कौशिक ने किया। प्रदर्शन के उपरांत यूनियन प्रतिनिधियों ने उपजिलाधिकारी नीरज शर्मा को प्रधानमंत्री एवं मुख्यमंत्री के नाम संबोधित ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में बेमौसम बारिश से खराब हुई फसलों, विशेषकर गेहूं, के लिए प्रति बीघा पांच हजार रुपये मुआवजा देने की मांग की गई।
इसके अलावा किसानों ने आलू उत्पादकों को लागत मूल्य न मिलने का मुद्दा उठाते हुए प्रति कुंतल 500 रुपये राहत राशि देने तथा आलू की सरकारी खरीद एक हजार रुपये प्रति कुंतल की दर से सुनिश्चित करने की मांग रखी। यूनियन पदाधिकारियों का कहना है कि कागजों में 650 रुपये प्रति कुंतल का मूल्य दर्शाया जा रहा है, जो वास्तविक स्थिति से मेल नहीं खाता।
ज्ञापन में स्मार्ट मीटर के निजीकरण का विरोध करते हुए इसे बंद करने की मांग भी प्रमुख रूप से शामिल रही। साथ ही फसलों का न्यूनतम समर्थन मूल्य बढ़ाने, बीते 20 वर्षों से जर्जर पड़ी सड़कों का पुनर्निर्माण कराने तथा गरीब वर्ग की पेंशन बढ़ाकर तीन हजार रुपये प्रतिमाह करने की मांग की गई। प्रदर्शन के दौरान उमाशंकर कौशिक सहित संगठन के कई पदाधिकारी और बड़ी संख्या में किसान मौजूद रहे।





