रायबरेली: जन सामना ब्यूरो। जिला कृषि अधिकारी अखिलेश पाण्डेय ने बताया कि किसानों को उच्च गुणवत्ता वाले प्रमाणित बीजों की समयबद्ध एवं पारदर्शी उपलब्धता सुनिश्चित करने के उद्देश्य से भारत सरकार द्वारा विकसित साथी पोर्टल को बीज उत्पादन, प्रमाणीकरण, स्टॉक प्रबंधन एवं विक्रय के लिए अनिवार्य रूप से लागू किया जा रहा है।
उन्होंने बताया कि कृषि निदेशालय, उत्तर प्रदेश (बीज एवं प्रक्षेत्र अनुभाग), लखनऊ तथा शासन के निर्देशानुसार अब बीज व्यवसाय से संबंधित सभी गतिविधियां साथी पोर्टल के माध्यम से ही संचालित की जाएंगी।
बीज उत्पादन से लेकर फसल पंजीकरण, क्षेत्र निरीक्षण, बीज स्रोत सत्यापन, नमूना परीक्षण तथा टैग एवं प्रमाण-पत्र जारी करने तक की पूरी प्रक्रिया डिजिटल माध्यम से संपादित होगी।
बीज प्रसंस्करण संयंत्रों पर बीज की आवक, प्रसंस्करण, पैकिंग, लॉट निर्माण, नमूना परीक्षण, स्टॉक संबंधी सभी प्रविष्टियां साथी पोर्टल पर दर्ज करना अनिवार्य होगा। आवश्यकतानुसार भौतिक अभिलेख भी सुरक्षित रखे जाएंगे।
बीज का स्टॉक स्थानांतरण, विक्रय एवं वापसी केवल साथी पोर्टल के माध्यम से ही मान्य होगी। अपंजीकृत डीलर अथवा वितरक के माध्यम से बीज व्यवसाय पूर्णतः प्रतिबंधित रहेगा। जनपद के सभी बीज विक्रेताओं, वितरकों, सहकारी समितियों एवं सरकारी बीज विक्रय केंद्रों का साथी पोर्टल पर ऑनबोर्ड होना अनिवार्य है।
पोर्टल के माध्यम से किसान स्तर तक प्रत्येक बीज लेनदेन का डिजिटल रिकॉर्ड उपलब्ध रहेगा, जिससे बीज की गुणवत्ता, उपलब्धता एवं ट्रेसबिलिटी सुनिश्चित होगी। यदि पोर्टल पर प्रदर्शित स्टॉक और भौतिक स्टॉक में किसी प्रकार की विसंगति पाई जाती है तो संबंधित के विरुद्ध बीज अधिनियम-1966, बीज नियम-1968, बीज नियंत्रण आदेश-1983 तथा आवश्यक वस्तु अधिनियम-1955 के अंतर्गत नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
जिला कृषि अधिकारी ने जनपद के सभी बीज उत्पादकों, डीलरों, वितरकों एवं संबंधित संस्थाओं से अपील की है कि वे 28 जुलाई, 2026 तक साथी पोर्टल पर अपना पंजीकरण पूर्ण कर शासन के निर्देशों का अनुपालन सुनिश्चित करें। साथ ही किसानों से भी आग्रह किया है कि वे प्रमाणित एवं गुणवत्तायुक्त बीज केवल साथी पोर्टल से जुड़े अधिकृत विक्रेताओं से ही खरीदें, जिससे उन्हें गुणवत्तापूर्ण बीज के साथ पारदर्शी एवं विश्वसनीय सेवा प्राप्त हो सके।
साथी पोर्टल से जुड़े बिना नहीं होगा बीज व्यवसाय





