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यूपी वर्किंग जर्नलिस्ट यूनियन ने पत्रकारों को किया सम्मानित

इटावा। ऐतिहासिक इटावा प्रदर्शनी के विशाल पंडाल में उत्तर प्रदेश वर्किंग जर्नलिस्ट यूनियन इटावा का द्वितीय अधिवेशन भव्य रूप से सम्पन्न हुआ। जिलाध्यक्ष अमित मिश्रा के नेतृत्व में आयोजित इस अधिवेशन ने जनपद में पत्रकार एकता और संगठनात्मक मजबूती के नए आयाम स्थापित किए। कार्यक्रम में इटावा सहित अन्य जनपदों के 200 पत्रकारों को सम्मानित किया गया।
सदर विधायक सरिता भदौरिया ने अपने संबोधन में कहा कि लोकतंत्र का चौथा स्तंभ पत्रकारिता है। पत्रकार समाज की वास्तविक समस्याओं को सामने लाकर जनहित में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। उन्होंने निर्भीक, निष्पक्ष और जिम्मेदार पत्रकारिता की सराहना करते हुए संगठन को हरसंभव सहयोग का आश्वासन दिया।
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक ब्रजेश कुमार श्रीवास्तव ने कहा कि पत्रकार और पुलिस दोनों समाज की सेवा के लिए कार्य करते हैं। उन्होंने मीडिया और पुलिस के बीच बेहतर समन्वय की आवश्यकता पर जोर देते हुए कहा कि कानून-व्यवस्था के साथ-साथ पत्रकारों की सुरक्षा और सम्मान पुलिस प्रशासन की प्राथमिकता है।
शिक्षाविद डॉ विद्या कान्त तिवारी ने कहा कि पत्रकारिता समाज का दर्पण है, जो सच्चाई को उजागर करती है। उन्होंने कहा कि आज के समय में सकारात्मक और तथ्यपरक पत्रकारिता समाज को सही दिशा देने में सहायक सिद्ध होती है।
प्रदेश अध्यक्ष टी. बी. सिंह ने कहा कि उत्तर प्रदेश वर्किंग जर्नलिस्ट यूनियन पत्रकारों के अधिकारों और सम्मान की रक्षा के लिए प्रतिबद्ध है।
इलेक्ट्रॉनिक एवं प्रिंट मीडिया वेलफेयर एसोसिएशन के प्रदेश अध्यक्ष सुघर सिंह ने यूपी वर्किंग जनर्लिस्ट यूनियन इटावा इकाई की पूरी टीम को धन्यवाद देते हुए कहा कि यह अधिवेशन केवल एक औपचारिक कार्यक्रम नहीं है, बल्कि यह पत्रकारिता के आत्ममंथन, एकता और भविष्य की दिशा तय करने का कार्यक्रम है। पत्रकारिता को लोकतंत्र का चौथा स्तंभ कहा गया है, लेकिन आज की परिस्थितियों में यह स्तंभ कई चुनौतियों से जूझ रहा है। आज का पत्रकार सत्ता से सवाल करता है, समाज की आवाज़ बनता है, पीड़ितों के लिए ढाल बनता है, और सच के लिए अक्सर अकेले खड़ा होता है। लेकिन इसके बदले में उसे क्या मिलता है? कभी धमकी, कभी मुकदमे, कभी उपेक्षा, और कभी आर्थिक असुरक्षा। आज आवश्यकता है कि हम अपनी कलम को न बिकने दें, अपनी आवाज़ को न झुकने दें, और अपने सिद्धांतों से समझौता न करें। हमें याद रखना होगा पत्रकारिता नौकरी नहीं, जिम्मेदारी है। यह व्यवसाय नहीं, सेवा है। और यह सेवा तब तक पवित्र है, जब तक इसमें सत्य, निष्पक्षता और जनहित जीवित हैं। मैं आज इस मंच से यह भी कहना चाहता हूँ कि पत्रकार सुरक्षा कानून को लेकर हमारी आवाज़ और बुलंद हो, फर्जी पत्रकारिता के खिलाफ सख्त रुख अपनाया जाए, और ईमानदारी से काम करने वाले पत्रकारों को संगठनात्मक संरक्षण मिले।
सम्मान समारोह में इटावा, औरैया, कन्नौज, मैनपुरी, फिरोजाबाद, आगरा, के लगभग 200 पत्रकारों को सम्मानित किया गया जिनमे प्रमुख रूप से इलेक्ट्रॉनिक एवं प्रिंट मीडिया वेलफेयर एसोसिएशन के प्रदेश अध्यक्ष सुघर सिंह सैफई, गणेश ज्ञानार्थी,संजय चौहान, मसूद तैमूरी, सर्वेन्द्र कुमार, पुष्पराज, अशोक, संजीव दुवे, मुकेशमणि कांचन, पवन शर्मा, गौरव मिश्रा, विष्णु राठौर, अभिषेक वर्मा, मनोज कुमार, मेघ सिंह वर्मा, अमित द्विवेदी, आमीन मुहम्मद, कपिल देव, रजनीश यादव, राजीव यादव, आशीष कुमार, पंकज राठौर, करुणानिधि, नवनीत कुमार, अतुल कुमार, संजय शुक्ला, सूरज सविता, गौरव गुप्ता, ऋषिराज, ऋषिकांत दुवे, वंदना यादव, अर्शी, डॉ सुशील सम्राट, विनीत कुमार, प्रिंस शाक्य, मानसी दुवे, अजय सक्सेना, अजय किशोर, अतुल सक्सेना, तरुण राजपूत, बहाज अली खान निहाल, आनंद कुशवाह, आशीष कुमार बाजपेयी, आदि को सम्मानित किया गया। महामंत्री आनंद स्वरुप त्रिपाठी ने अधिवेशन की सफलता पर हर्ष व्यक्त करते हुए कहा कि संगठन लगातार पत्रकार हितों के लिए कार्य करता रहेगा। कार्यकारी अध्यक्ष अतुल वी .एन. चतुर्वेदी ने सभी अतिथियों और पत्रकार साथियों का आभार व्यक्त किया।

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