• Home
  • लखनऊ
  • मुख्य सचिव ने साप्ताहिक समीक्षा बैठक में दिए महत्वपूर्ण निर्देश

मुख्य सचिव ने साप्ताहिक समीक्षा बैठक में दिए महत्वपूर्ण निर्देश

लखनऊ। मुख्य सचिव एस.पी. गोयल ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से सभी मंडलायुक्तों और जिलाधिकारियों के साथ साप्ताहिक समीक्षा बैठक कर विभिन्न विभागों की योजनाओं की प्रगति की समीक्षा की तथा कई महत्वपूर्ण दिशा-निर्देश जारी किए। बैठक में उन्होंने बताया कि 14 मार्च को सभी जनपदों में राष्ट्रीय लोक अदालत का आयोजन किया जाएगा। इसके सफल संचालन के लिए अधिक से अधिक प्री-लिटिगेशन मामलों की पहचान कर उनका त्वरित निस्तारण सुनिश्चित किया जाए। प्रत्येक विभाग से एक नोडल अधिकारी नामित किया जाए और सभी बैंक संस्थानों के साथ समन्वय स्थापित कर बैंक रिकवरी से जुड़े मामलों के समाधान पर विशेष ध्यान दिया जाए।

उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय लोक अदालत के लिए व्यापक प्रचार-प्रसार किया जाए तथा डिजिटल प्लेटफॉर्म और आधुनिक तकनीक का उपयोग कर आमजन को इसके लाभों से अवगत कराया जाए। पक्षकारों को समय पर नोटिस और समन की तामील सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए गए। बिजली विभाग को लंबित न्यायालयी मामलों की कंपाउंडिंग से संबंधित विवरण न्यायालयों को उपलब्ध कराने तथा 31 दिसंबर 2021 तक के मोटर वाहन अधिनियम के सभी चालानों को जिला न्यायालयों में प्रस्तुत कर उनके निस्तारण की व्यवस्था करने को कहा गया।

मुख्य सचिव ने जिलाधिकारियों को एलडीएम के माध्यम से सभी बैंकों के साथ समन्वय स्थापित कर बैंक रिकवरी मामलों में अधिकतम निस्तारण सुनिश्चित कराने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि लोक अदालत से एक दिन पूर्व तहसील प्रशासन के सहयोग से जागरूकता अभियान चलाया जाए और बार एसोसिएशन के पदाधिकारियों के साथ बैठक कर आयोजन को सफल बनाया जाए। नामांतरण, सीमा विवाद और बंटवारे से संबंधित मामलों के त्वरित निस्तारण पर भी विशेष जोर दिया गया।

उन्होंने नगर पालिका और ग्राम पंचायतों के माध्यम से नोटिस की तामील सुनिश्चित कराने तथा राजस्व, चकबंदी, नगर निगम कर, हाउस और वाटर टैक्स, अतिक्रमण, खाद्य सुरक्षा, भूमि अधिग्रहण, परिवहन और आरटीओ चालान से जुड़े मामलों के अधिकतम निस्तारण के निर्देश दिए। साथ ही आशा बहुओं और आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं की भागीदारी से लोक अदालत के प्रचार-प्रसार को बढ़ाने की बात कही। अदालत परिसर में एक जिला एक उत्पाद और जेल उत्पादों के स्टॉल लगाने तथा जिला न्यायालय या अस्पताल परिसर में मेगा हेल्थ कैंप आयोजित करने का सुझाव भी दिया गया।

आरटीई के तहत फीस प्रतिपूर्ति और वित्तीय सहायता के समयबद्ध भुगतान पर मुख्य सचिव ने सख्त निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि विद्यालयों को एक सप्ताह के भीतर भुगतान सुनिश्चित किया जाए और धनराशि के उपयोग में पारदर्शिता बनाए रखने के लिए सत्यापन प्रक्रिया को अनिवार्य किया जाए। विद्यालयों द्वारा भेजी गई फीस प्रतिपूर्ति की मांग का खंड शिक्षा अधिकारी द्वारा शत-प्रतिशत भौतिक सत्यापन तथा जिला स्तर पर रैंडम जांच कराने के निर्देश दिए गए। किसी भी प्रकार की लापरवाही पर सख्त कार्रवाई की चेतावनी भी दी गई।

उन्होंने बताया कि शिक्षा का अधिकार अधिनियम के तहत शैक्षिक सत्र 2026-27 के लिए दो चरणों में 1,56,528 बच्चों को विभिन्न विद्यालयों में सीट आवंटित की गई है। इसके सापेक्ष शत-प्रतिशत नामांकन सुनिश्चित किया जाए और जिन विद्यालयों में अलाभित समूह व दुर्बल वर्ग के बच्चों को प्रवेश नहीं दिया जा रहा है, उनके खिलाफ तत्काल कार्रवाई की जाए। बैठक में जानकारी दी गई कि फीस प्रतिपूर्ति के लिए 267.88 करोड़ रुपये और वित्तीय सहायता के लिए 279.65 करोड़ रुपये का बजट आवंटित किया गया है।

मुख्य सचिव ने पंचायती राज विभाग द्वारा ग्राम पंचायतों में स्थापित की जा रही डिजिटल लाइब्रेरियों के संचालन की भी समीक्षा की। उन्होंने कहा कि 25 फरवरी 2026 को जारी एसओपी के अनुसार राज्य की 11,350 ग्राम पंचायतों में डिजिटल लाइब्रेरियों का प्रभावी और सुव्यवस्थित संचालन सुनिश्चित किया जाए। ग्राम पंचायत सचिव को पुस्तकों, फर्नीचर और आईटी उपकरणों की सुरक्षा तथा अभिलेख संधारण की जिम्मेदारी दी गई है, जबकि ग्राम प्रधान लाइब्रेरी के संचालन की निगरानी करेंगे। लाइब्रेरी की संपत्तियों का उपयोग केवल लाइब्रेरी संबंधी गतिविधियों के लिए ही किया जाए।

आयुष्मान भारत प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना के तहत चल रहे विशेष अभियान की समीक्षा करते हुए उन्होंने कहा कि हाल के दिनों में आयुष्मान कार्ड बनाने की गति में कमी आई है। जिलाधिकारियों को निर्देश दिए गए कि अभियान की नियमित समीक्षा कर पात्र लाभार्थियों के शत-प्रतिशत आयुष्मान कार्ड बनाए जाएं। साथ ही निष्क्रिय ऑपरेटरों के डाटा के आधार पर उन्हें सक्रिय कर कार्ड निर्माण की प्रक्रिया में तेजी लाई जाए। बैठक में अपर मुख्य सचिव बेसिक शिक्षा पार्थ सारथी सेन शर्मा, अपर मुख्य सचिव पशुधन मुकेश कुमार मेश्राम, प्रमुख सचिव पंचायती राज अनिल कुमार सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Scroll to Top