फिरोजाबाद। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के 100 वर्षों के मौके पर सुहागनगरी में चार अलग-अलग स्थानों पर हिंदू सम्मेलनों का आयोजन किया गया। इस अवसर पर आचार्यों, समाज के प्रमुख बंधुओं और मातृ शक्ति का सम्मान किया गया। सम्मेलन में वक्ताओं ने कहा कि वासुदेव कुटुंब की भावना हमारी संस्कृति की धरोहर के रूप में हमें विरासत में मिली है और यह संस्कृति सदैव विश्व के कल्याण की बात करती आई है।
नगर के अटल पार्क में सुदर्शन नगर द्वारा आयोजित सम्मेलन में मुख्य अतिथि तेजवंत सिंह, डॉ. सोनम सेठ और प्रांत संघचालक शशांक भाटिया ने उपस्थित लोगों को संबोधित किया। उन्होंने कहा कि अच्छे आचार और विचारों से ही देश महान बनता है और हिन्दुओं की विचारधारा भारत को उत्कृष्ट बनाती है। वक्ताओं ने गंगा, गाय, स्त्री और संस्कृति के संरक्षण पर जोर दिया और संघ के पंच परिवर्तन के मूल्यों जैसे सामाजिक समरसता, कुटुंब प्रबोधन, स्वदेशी भाषा-वेशभूषा, पर्यावरण और नागरिक बोध पर प्रकाश डाला।
सम्मेलन में कहा गया कि हिंदू अपनी क्षमता को विस्मृत कर बैठा है, जबकि यह सभी मूल्य हमारे पूर्वजों द्वारा प्रदत्त डीएनए में निहित हैं। वेद, पुराण और अन्य ग्रंथों में इसके अनेक प्रमाण मिलते हैं। वक्ताओं ने आक्रांताओं द्वारा हमारी संस्कृति और मूल्यों पर किए गए आघात की ओर ध्यान आकर्षित करते हुए हिंदू पुनर्जागरण के महत्व पर जोर दिया।
इसके अलावा सुहागनगर के मेला प्रांगढ़, नींबू बाला बाग और आसफाबाद चौराहा में केशव नगर, वीर सावरकर नगर और शीतला नगर द्वारा आयोजित सम्मेलनों में भी राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के वरिष्ठ पदाधिकारी, आचार्य और हजारों स्वयंसवेक मौजूद रहे। इन सम्मेलनों में बाल, तरुण, युवा, वृद्ध और मातृ शक्ति ने अपनी पूरी सहभागिता, उत्साह और श्रद्धा भाव से भव्य आयोजन को सफल बनाया।





