फिरोजाबाद। चैत्र नवरात्र महोत्सव के सातवें दिन घरों और देवी मंदिरों में आदिशक्ति के सातवें स्वरूप मां कालरात्रि की विधि विधान के साथ पूजा-अर्चना और हवन यज्ञ आयोजित किए गए। मंदिरों में नेजा चढ़ाने वालों की होड़ लगी रही, जबकि मंगला दर्शन के लिए नगर के देवी मंदिरों में श्रद्धालुओं का तांता लगा रहा।
सुहाग नगरी में नवरात्र महोत्सव की धूम पूरे नगर में देखने को मिली। श्रद्धालुओं ने घरों और मंदिरों में मां कालरात्रि की पूजा कर मन्नतें मांगी। धार्मिक कथा के अनुसार, शुभं और निशुंभ के सेनापति रक्तबीज को वरदान मिला था कि यदि उसकी खून की बूंदें धरती पर गिरें तो और शक्तिशाली राक्षस उत्पन्न होगा। जब उसका वध कठिन हो गया, तब मां दुर्गा ने मां कालरात्रि का भयंकर रूप धारण कर रक्तबीज का वध किया और खून को जमीन से गिरने से पहले ही पी लिया। इस प्रकार मां कालरात्रि ने शुंभ और निशुंभ का वध कर तीनों लोकों को भयमुक्त किया।
नगर में जगह-जगह मां भगवती के भंडारे आयोजित किए गए। कई श्रद्धालुओं ने मंदिरों में नेजा चढ़ाकर अपनी श्रद्धा प्रकट की। विशेष रूप से नगर के राजराजेश्वरी मां कैला देवी मंदिर, नगर कोट माता मंदिर और मां बैष्णों देवी धाम में सुबह से ही दर्शन करने वालों की भीड़ लगी रही। श्रद्धालुओं ने मां भगवती के दर्शन कर अपनी मन्नौतियां मांगी और हवन यज्ञ में भाग लेकर पुण्य अर्जित किया।





