बाल संरक्षण के लिए बनाई गई रणनीति

फिरोजाबाद। बच्चों के अधिकार, पुनर्वास और संरक्षण को सुनिश्चित करने के उद्देश्य से सरकार द्वारा वर्ष 2006 में बनाए गए बाल संरक्षण अधिनियम के तहत विभिन्न स्तरों पर कार्य किए जा रहे हैं। इसी क्रम में चाइल्ड फण्ड इंडिया पेस-दिशा संस्था द्वारा नगर में जागरूकता और संरक्षण संबंधी गतिविधियां संचालित की जा रही हैं। यह विचार बाल संरक्षण अधिकारी अपर्णा कुलश्रेष्ठ ने स्थानीय कोणार्क होटल में पार्षदों के साथ आयोजित कार्यशाला में व्यक्त किए। उन्होंने बताया कि इस अधिनियम का उद्देश्य बच्चों को शोषण, हिंसा और उपेक्षा से बचाना है।

कार्यशाला में सरोजनी नायडू विद्यालय के प्रधानाचार्य भगवानदास शंखवार ने कहा कि भारतीय संविधान में भी बाल विकास और बाल अधिकारों को विशेष महत्व दिया गया है। चिराग सोसायटी के डॉ. जफर आलम ने बाल अधिकारों पर चर्चा करते हुए बताया कि बाल कल्याण समिति किस प्रकार बच्चों को संरक्षण प्रदान कर रही है। संस्था की कॉर्डिनेटर रेखा वर्मा ने जानकारी दी कि प्रदेश स्तर पर बाल संरक्षण आयोग और जिला स्तर पर बाल कल्याण समिति द्वारा वार्ड स्तर तक समितियों का गठन कर कार्य शुरू किया गया है। उन्होंने कहा कि अभी यह कार्य कुछ वार्डों तक सीमित है, जिसे नगर के सभी वार्डों में सक्रिय करना आवश्यक है और इसके लिए जनप्रतिनिधियों का सहयोग जरूरी है।

कार्यशाला में पार्षद भगवान सिंह झा, नरेश शर्मा, देवेंद्र कुमार, मनोज शंखवार, नूरुल हुदा, लाला राईन, पंकज यादव, अलकान निजाम, अब्दुल्लाह अंसारी, नफीस अंसारी सहित अन्य लोग उपस्थित रहे।

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