फिरोजाबाद। जनपद के विकास खंडों में संचालित स्थायी एवं अस्थायी गौआश्रय स्थलों का मुख्य विकास अधिकारी शत्रोहन वैश्य ने औचक निरीक्षण किया। निरीक्षण का मुख्य उद्देश्य निराश्रित गौवंश के संरक्षण, उनके भरण-पोषण तथा ग्रीष्मकालीन व्यवस्थाओं की जमीनी हकीकत का आकलन करना था।
निरीक्षण के दौरान विकास खंड टूंडला और मदनपुर के अंतर्गत आने वाली कई गौशालाओं का सघन निरीक्षण किया गया, जिनमें प्रमुख रूप से वृहद गौशाला मदावली, अस्थायी गौशाला जटई, गौआश्रय स्थल फटुमई व मुज्जफरपुर शामिल रहे। इन सभी गौशालाओं में गौवंशों की संख्या, चारे की उपलब्धता, पानी और छाया की व्यवस्था का अवलोकन किया गया।
निरीक्षण के समय मुज्जफरपुर और जटई गौशालाओं में गौवंशों की संख्या का मिलान गौआश्रय पोर्टल से किया गया, जो सही पाया गया। केंद्रों पर भूसा, हरा चारा और चोकर की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित मिली। सभी गौआश्रय स्थलों पर गौवंश के पीने के लिए स्वच्छ पानी की व्यवस्था पाई गई और साफ-सफाई का स्तर संतोषजनक रहा। बढ़ती गर्मी को देखते हुए छाया के लिए टीन शेड और अन्य आवश्यक इंतजामों का भी भौतिक सत्यापन किया गया।
मुख्य विकास अधिकारी ने सभी ग्राम पंचायत सचिवों और गौशाला संचालकों को कड़े निर्देश दिए कि गौवंशों के लिए पानी और हरे चारे की पर्याप्त व्यवस्था बनी रहे। निराश्रित गौवंश को किसी भी स्थिति में बाहर न छोड़ा जाए और बीमार गौवंश का तत्काल पशु चिकित्सक से उपचार कराया जाए। उन्होंने स्पष्ट किया कि इस संबंध में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।





