रायबरेली। 30 मार्च 2026 को शहर के स्थानीय सूर्या होटल में आयोजित स्वर्णकार समाज की बैठक में “लखनऊ चलो” अभियान का बिगुल फूंका गया। बैठक में 11 अप्रैल 2026 को लखनऊ में आयोजित होने वाले सोनार समागम को समाज की एकता, शक्ति प्रदर्शन और राजनीतिक भागीदारी के संकल्प के रूप में प्रस्तुत किया गया।
कार्यक्रम के आयोजक एवं सेवारत स्वर्णकार संस्थान के संरक्षक भौमेश कुमार ने कहा कि यह समागम एक साधारण आयोजन नहीं, बल्कि समाज की ताकत और जागरूकता का विराट प्रदर्शन होगा। उन्होंने समाज से अधिकाधिक संख्या में लखनऊ पहुंचने का आह्वान किया। बैठक में समाज के पदाधिकारियों ने एक स्वर में कहा कि अब स्वर्णकार समाज केवल दर्शक नहीं रहेगा, बल्कि निर्णायक भूमिका निभाएगा। समाज के इतिहास, वर्तमान चुनौतियों और भविष्य की रणनीति पर भी विस्तार से चर्चा की गई। लखनऊ महानगर सर्राफा एसोसिएशन के अध्यक्ष मनीष कुमार वर्मा ने कहा कि समाज ने मेहनत और ईमानदारी से अपनी पहचान बनाई है, लेकिन अब समय आ गया है कि राजनीतिक क्षेत्र में भी मजबूत भागीदारी सुनिश्चित की जाए। समाजसेवी कमलेश रस्तोगी ने संगठन की एकता को सबसे बड़ी ताकत बताते हुए समाज को संगठित रहने का आह्वान किया। वहीं संस्थान के अध्यक्ष इंजीनियर दुर्गा प्रसाद स्वर्णकार ने कहा कि यदि समाज एकजुट हुआ तो राजनीतिक समीकरण बदल सकते हैं। आदर्श स्वर्णकार कल्याण समिति के अध्यक्ष राजेश सोनी ने युवाओं से शिक्षा, नेतृत्व और सामाजिक जागरूकता के माध्यम से आगे आने की अपील की। उन्होंने कहा कि यह संघर्ष केवल पहचान का नहीं, बल्कि समाज के भविष्य का है। बैठक में रोजगार, शिक्षा और सामाजिक सम्मान जैसे मुद्दों को प्रमुखता से उठाने पर भी सहमति बनी। उपस्थित लोगों के उत्साह से स्पष्ट हुआ कि 11 अप्रैल को लखनऊ में होने वाला सोनार समागम ऐतिहासिक रूप ले सकता है। इस अवसर पर धर्मेन्द्र कुमार वर्मा, इन्द्र कुमार वर्मा, विकास वर्मा, चन्द्रिका प्रसाद भुन्दल, डॉ. सियाराम वर्मा, बृजेन्द्र मैढ़, अंकित रस्तोगी, पारसनाथ वर्मा, रजत कुमार सोनी, जगदीप सोनी, सूर्य कुमार वर्मा, संतोष कुमार सोनी, दिलीप वर्मा सहित सैकड़ों लोग उपस्थित रहे। कार्यक्रम का संचालन गोविन्द सोनी ने किया, जबकि अतिथियों का स्वागत प्रमोद कुमार वर्मा ने किया। अंत में सभी ने एकजुट होकर 11 अप्रैल को लखनऊ में अधिकाधिक संख्या में पहुंचने का संकल्प लिया।





