मथुरा। अखिल भारतीय संयुक्त शिक्षक महासंघ (एआईजेटीएफ), इकाई मथुरा के बैनर तले टेट लागू करने के विरोध में टैंक चौराहे से विकास बाजार स्थित गांधी मूर्ति तक विशाल मशाल जुलूस निकाला गया। जुलूस में बड़ी संख्या में हाथों में मशाल और टेट विरोधी नारों के साथ प्राथमिक, बेसिक और माध्यमिक के शिक्षक, कर्मचारी एवं युवाओं ने भाग लिया। विशाल मशाल जुलूस के समापन पर गांधी मूर्ति पर सभा आयोजित की गई, जिसमें विभिन्न पदाधिकारियों ने अपने विचार व्यक्त किए। एआईजेटीएफ के जिला संरक्षक योगराज चाहर, प्रांतीय संयुक्त मंत्री टीएससीटी तथा शैलेंद्र यादव (संरक्षक-अटेवा) ने कहा कि टेट लागू करना शिक्षकों के अधिकारों का हनन है।
प्रदीपिका फौजदार (जिलाध्यक्ष अटेवा) व चेतना सीमा ने कहा कि महिला शिक्षकों सहित सभी वर्ग इस निर्णय से प्रभावित हैं। मुनीश चौधरी (जिलाध्यक्ष जूनियर हाईस्कूल शिक्षक संघ), राजेंद्र चौधरी (प्रदेश अध्यक्ष यूटा) व गोविंद सिंह चौहान (जिलाध्यक्ष टीएससीटी) ने कहा कि यह लड़ाई शिक्षकों की अस्मिता और भविष्य की है। अशोक प्रिय (जिलाध्यक्ष एससीएसटी बेसिक शिक्षक एसोसिएशन) तथा सुरेश चंद (जिलाध्यक्ष वैचारिक शिक्षक बेसिक एसोसिएशन) ने कहा कि यह फैसला समाज के कमजोर वर्गों के युवाओं को भी प्रभावित करता है। नरेंद्र चौधरी (जिलाध्यक्ष बेसिक शिक्षक वेलफेयर एसोसिएशन) ने चेतावनी देते हुए कहा कि यदि सरकार ने जल्द निर्णय वापस नहीं लिया तो आंदोलन और तेज व उग्र होगा।
ओमप्रकाश सिंह (जिलाध्यक्ष किसान यूनियन शिक्षक प्रकोष्ठ) ने कहा कि किसान और शिक्षक दोनों इस मुद्दे पर एक साथ खड़े हैं। अशोक कुमार बौद्ध (प्रदेश अध्यक्ष एससीएसटी शिक्षक वेलफेयर एसोसिएशन), खेमसिंह (जिलाध्यक्ष शिक्षामित्र संगठन) तथा सुरजीत सिंह (जिलाध्यक्ष पूर्व सैनिक शिक्षक संघ) ने कहा कि यह संघर्ष विचारों और अधिकारों की रक्षा का है। मीडिया प्रभारी मनीष दयाल ने कहा कि शिक्षकों पर जबरन टेट थोपना अन्याय है और सभी इसका खुलकर विरोध करते हैं। सभा के अंत में सभी पदाधिकारियों ने एक स्वर में सरकार से टेट लागू करने के निर्णय को वापस लेने की मांग की और चेतावनी दी कि मांगें पूरी न होने पर आंदोलन को और व्यापक किया जाएगा।
कार्यक्रम में गीता रावत, अजीत सिंह, जितेंद्र चौधरी, नरेंद्र सिंह, भगवान सिंह, ललित तोगड़िया, राजेश सरोज, जितेंद्र सिंह, गिरीश कौशिक, रीमा सोनकर, चेतना चौहान, सतीश रावत, पुष्पेंद्र चौधरी, करणपाल सिंह, सीमा सारस्वत, लवली पटेल, सीमा कुमारी, पूजा चौधरी, सारिका सिंह, रोहित शर्मा आदि ने भी अपने विचार व्यक्त किए।










