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भारत-ऑस्ट्रिया संबंधों को नई दिशा देने पर जोर

नई दिल्ली। दिल्ली स्थित हैदराबाद हाउस में गुरुवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और ऑस्ट्रिया के चांसलर क्रिश्चियन स्टॉकर के बीच महत्वपूर्ण द्विपक्षीय वार्ता हुई। यह बैठक भारत और ऑस्ट्रिया के बीच संबंधों को और मजबूत बनाने के उद्देश्य से आयोजित की गई। चांसलर स्टॉकर का यह पहला आधिकारिक भारत दौरा है, जो 14 से 17 अप्रैल तक चल रहा है और इसे दोनों देशों की साझेदारी को नई दिशा देने के रूप में देखा जा रहा है। बैठक में विदेश मंत्री डॉ. सुब्रह्मण्यम जयशंकर और केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल भी मौजूद रहे। वार्ता के दौरान व्यापार, निवेश, हरित प्रौद्योगिकी और अन्य महत्वपूर्ण क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने पर विशेष जोर दिया गया।

प्रधानमंत्री से मुलाकात से पहले चांसलर स्टॉकर ने राजघाट पहुंचकर महात्मा गांधी को श्रद्धांजलि अर्पित की। विदेश मंत्रालय ने सामाजिक माध्यम पर जानकारी साझा करते हुए बताया कि उन्होंने गांधीजी के शांति, अहिंसा और वैश्विक सद्भाव के संदेश को स्मरण किया।

चांसलर स्टॉकर बुधवार को भारत की अपनी पहली आधिकारिक यात्रा पर नई दिल्ली पहुंचे थे। वर्ष 2025 में पद संभालने के बाद यह उनका एशिया का पहला दौरा भी है। इससे पहले उन्होंने विदेश मंत्री डॉ. सुब्रह्मण्यम जयशंकर से मुलाकात कर विश्वास जताया था कि प्रधानमंत्री मोदी के साथ वार्ता से द्विपक्षीय सहयोग के नए अवसर खुलेंगे। अपने दौरे के दौरान स्टॉकर ने भारत की तेज आर्थिक वृद्धि और आधारभूत संरचना में हो रहे निवेश की सराहना की। उन्होंने कहा कि लगभग 7 प्रतिशत की दर से बढ़ रही भारतीय अर्थव्यवस्था ऑस्ट्रिया जैसे नवोन्मेषी और निर्यात आधारित देश के लिए बड़े अवसर प्रस्तुत करती है। साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि भारत, यूरोपीय संघ के लिए दक्षिण एशिया का एक प्रमुख व्यापारिक साझेदार है।

  • फोटो एवं रिपोर्ट: कमल नैन नारंग

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