नई दिल्ली। म्यांमार के राष्ट्रपति यू मिन आंग ह्राइंग ने हैदराबाद हाउस में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ द्विपक्षीय वार्ता की। इस बैठक में भारत और म्यांमार के बीच आपसी संबंधों को और मजबूत बनाने पर विस्तृत चर्चा हुई। म्यांमार के राष्ट्रपति इन दिनों भारत के दौरे पर हैं और 30 मई से 3 जून 2026 तक उनकी यात्रा निर्धारित है। यह यात्रा अप्रैल 2026 में राष्ट्रपति पद संभालने के बाद उनकी पहली विदेश यात्राओं में से एक है, और भारत पहला देश है जहां वे आधिकारिक दौरे पर पहुंचे हैं।
म्यांमार भारत का एक महत्वपूर्ण पड़ोसी देश है, जिसकी भारत के साथ लगभग 1,643 किलोमीटर लंबी सीमा लगती है। बैठक में दोनों नेताओं ने व्यापार, निवेश, तकनीक, कनेक्टिविटी, सुरक्षा और सीमा प्रबंधन जैसे कई महत्वपूर्ण क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने पर चर्चा की। प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि भारत अपनी “नेबरहुड फर्स्ट”, “एक्ट ईस्ट” और “महासागर” नीतियों के अनुरूप म्यांमार का एक भरोसेमंद पड़ोसी और साझेदार है। उन्होंने यह भी कहा कि भारत संकट के समय म्यांमार का समर्थन करता रहेगा और शांति एवं संवाद की प्रक्रिया में सहयोग देने के लिए तैयार है।
दोनों नेताओं ने लोगों के बीच आपसी संपर्क बढ़ाने, क्षेत्रीय शांति, विकास और समृद्धि के लिए साझेदारी को मजबूत करने पर भी सहमति जताई। यात्रा के दौरान म्यांमार के राष्ट्रपति ने बोधगया में दर्शन कर अपनी भारत यात्रा की शुरुआत की। -Pic & stroy by Kamal Nain Narang





