नई दिल्ली। लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने पेपर लीक और छात्रों के प्रदर्शन को लेकर केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोला। उन्होंने बुधवार को इंदिरा भवन में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा कि कांग्रेस पार्टी पूरी तरह से छात्रों के साथ खड़ी है और देश में निष्पक्ष एवं बेहतर शिक्षा व्यवस्था की मांग करती है। राहुल गांधी ने कहा कि देश की शिक्षा व्यवस्था में गंभीर खामियां पैदा हो गई हैं। उन्होंने कहा कि भारत का एजुकेशन सिस्टम कभी दुनिया की बेहतरीन व्यवस्थाओं में गिना जाता था, लेकिन अब यह “धांधली वाला सिस्टम” बन गया है। उन्होंने दावा किया कि पिछले 10 वर्षों में 152 पेपर लीक के मामले सामने आए हैं, लेकिन किसी भी दोषी को सजा नहीं मिली।
उन्होंने शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान पर भी निशाना साधते हुए कहा कि उन्हें पद से हटाया जाना चाहिए क्योंकि वह मंत्रालय संभालने में सक्षम नहीं हैं। राहुल गांधी ने कहा, छात्र शांतिपूर्ण तरीके से अपने अधिकारों की मांग कर रहे हैं और उनकी आवाज को सुना जाना चाहिए। राहुल गांधी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से छात्रों से माफी मांगने की मांग की और सरकार के सामने तीन प्रमुख मांगें रखीं। उन्होंने कहा कि पेपर लीक की जिम्मेदारी तय होनी चाहिए, दोषियों पर सख्त कार्रवाई होनी चाहिए और छात्रों के लिए एक पारदर्शी एवं भरोसेमंद परीक्षा व्यवस्था बनाई जानी चाहिए।
पीएम आवास के घेराव को लेकर राहुल गांधी ने कहा कि जब देश के छात्र सड़कों पर हैं तो विपक्ष का भी उनके साथ खड़ा होना जरूरी है। उन्होंने बताया कि प्रदर्शन से पहले विपक्ष ने लोकसभा अध्यक्ष से मुलाकात कर सदन में छात्रों के मुद्दे पर चर्चा कराने की मांग की थी, लेकिन कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया। उन्होंने कहा कि सोमवार को छात्रों के साथ हुई घटनाओं के परिणाम होने चाहिए। राहुल गांधी ने कहा कि प्रदर्शनकारी छात्र केवल अपने भविष्य और अपने अधिकारों की मांग कर रहे हैं।
Pic & story: कमल नैन नारंग





