• Home
  • National
  • आप में फूट: राघव चड्ढा की अगुवाई में 6 सांसद भाजपा में शामिल

आप में फूट: राघव चड्ढा की अगुवाई में 6 सांसद भाजपा में शामिल

राजीव रंजन नाग: नई दिल्ली। आप के राज्यसभा सांसद राघव चड्ढा, संदीप पाठक और अशोक मित्तल शुक्रवार की शाम भारतीय जनता पार्टी में शामिल हो गए। चड्ढा ने कहा, “हमने फैसला किया है कि हम, जो राज्यसभा में आप के दो-तिहाई सदस्य हैं, भारत के संविधान के प्रावधानों का इस्तेमाल करते हुए खुद को भाजपा में मिला लेंगे।” यह बदलाव एंटी-डिफेक्शन लॉ का उल्लंघन नहीं माना जाएगा, क्योंकि यह उन मामलों में छूट देता है जहां एक पार्टी के दो-तिहाई सांसद दूसरी पार्टी के साथ विलय का फैसला करते हैं। सूत्रों का कहना है कि भाजपा में शामिल होने के बाद चड्ढा को केंद्रीय मंत्री बनाया जा सकता है।

चड्ढा ने कहा, “हमारे अलावा हरभजन सिंह, राजिंदर गुप्ता, विक्रम साहनी और स्वाति मालीवाल भी हैं।” यह घटनाक्रम ऐसे समय में सामने आया है जब आम आदमी पार्टी पंजाब में होने वाले चुनावों की तैयारी कर रही है, जहां उसकी सरकार है। पार्टी के राज्यसभा सांसदों के एक बड़े हिस्से के भाजपा में शामिल होने से पार्टी प्रमुख और दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल को बड़ा झटका लगा है। केजरीवाल ने कुछ हफ्ते पहले चड्ढा को राज्यसभा में बोलने का अधिकार वापस ले लिया था।

चड्ढा ने आज दोपहर एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा कि आप के अपर हाउस में 10 सांसदों में से लगभग दो-तिहाई भाजपा में शामिल हो जाएंगे। उन्होंने आरोप लगाया कि भ्रष्टाचार के खिलाफ लड़ाई के वादे के साथ सत्ता में आई पार्टी अब ईमानदार राजनीति से दूर हो गई है। उन्होंने कहा, “हमने हस्ताक्षर कर इसे भाजपा के साथ विलय करने के फैसले की जानकारी राज्यसभा के सभापति को दे दी है।”

भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन ने शुक्रवार को आप के पूर्व नेताओं राघव चड्ढा, संदीप पाठक और अशोक मित्तल का पार्टी मुख्यालय पहुंचने पर स्वागत किया। चड्ढा ने आप के सात सांसदों के भाजपा में शामिल होने की घोषणा की। उन्होंने X पर एक पोस्ट में कहा, “आज, भारत के संविधान के प्रावधानों का इस्तेमाल करते हुए, राज्यसभा में आप के दो-तिहाई से ज्यादा सांसद भाजपा में विलय हो गए हैं। सात सांसदों ने दस्तावेज पर हस्ताक्षर किए हैं, जिसे राज्यसभा के माननीय सभापति को सौंपा गया।”

उधर, पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने कहा कि पार्टी के 10 राज्यसभा सांसदों में से सात के पार्टी छोड़ने से संगठन पर कोई असर नहीं पड़ेगा। उन्होंने कहा, “पार्टी किसी भी व्यक्ति से बड़ी होती है। जिन छह सांसदों ने पार्टी छोड़ी है, वे पंजाब का प्रतिनिधित्व नहीं करते।”

आप नेता संजय सिंह ने भी उन सात राज्यसभा सांसदों की आलोचना की, जिन्होंने भाजपा में शामिल होने का फैसला किया है। उन्होंने कहा, “आज आप के सात राज्यसभा सांसद भाजपा में शामिल हो गए हैं। पंजाब की जनता को इन सातों के नाम याद रखने चाहिए।”

अरविंद केजरीवाल ने भाजपा पर “पंजाबियों को धोखा देने” का आरोप लगाया। चड्ढा ने कहा कि आप “करप्ट और कॉम्प्रोमाइज्ड” हो गई है। उन्होंने कहा कि भाजपा के साथ विलय करने वालों में हरभजन सिंह और स्वाति मालीवाल शामिल हैं। उन्होंने राजिंदर गुप्ता, विक्रम साहनी, अशोक मित्तल और संदीप पाठक के नाम अन्य नेताओं के रूप में गिनाए। उन्होंने कहा, “जिस आप को मैंने अपनी जिंदगी के 15 साल दिए, अब वह पार्टी ईमानदार राजनीति से दूर हो गई है। मैं गलत पार्टी में सही आदमी था। मैं पार्टी से दूर जा रहा हूं और लोगों के करीब जा रहा हूं।”

लंदन स्कूल ऑफ इकोनॉमिक्स के छात्र रहे 37 वर्षीय चड्ढा के जाने के बाद राज्यसभा में आप के तीन सांसद रह गए हैं—संत बलबीर सिंह सीचेवाल, संजय सिंह और एनडी गुप्ता। चड्ढा 2012 में पार्टी की स्थापना से ही इसके साथ जुड़े थे और केजरीवाल के करीबी सहयोगी के रूप में काम कर रहे थे।

भाजपा में जाने के अपने फैसले को सही ठहराते हुए चड्ढा ने कहा कि आप अब पहले जैसी पार्टी नहीं रही। “मैं इस पार्टी का संस्थापक सदस्य था। हमने पूरे समर्पण के साथ पंजाब, दिल्ली और अन्य हिस्सों में पार्टी को खड़ा किया। आज आप करप्ट और कॉम्प्रोमाइज्ड है। मैं आप के गलत कामों में शामिल नहीं होना चाहता।” उन्होंने कहा कि उनके पास दो विकल्प थे—या तो राजनीति छोड़ दें या सही काम करें—और उन्होंने दूसरा विकल्प चुना। चड्ढा के साथ प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करने वाले पाठक ने कहा कि वह पिछले छह-सात महीनों से आप से इस्तीफा देने के बारे में सोच रहे थे। वहीं स्वाति मालीवाल ने कहा कि आप और केजरीवाल ने उन सिद्धांतों और मूल्यों को छोड़ दिया है, जिनके साथ पार्टी की शुरुआत हुई थी।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Scroll to Top