फिरोजाबाद। सेठ छदामीलाल जैन मंदिर में आयोजित तीर्थंकर पंचोत्सव के अंतर्गत आचार्य सौभाग्य सागर गुरुदेव और आचार्य सुरत्न सागराचार्य ससंघ के सानिध्य में भगवान नेमिनाथ का जन्म कल्याणक महोत्सव श्रद्धा और उल्लास के साथ मनाया गया। महावीर जिनालय में प्रातःकाल नित्य नियम के अंतर्गत प्रभु की जिनाभिषेक एवं शांतिधारा के बाद प्रतिष्ठाचार्य सतीश जैन सरल और प्रदीप जैन ने मंत्रोच्चारण के साथ विधि-विधानपूर्वक जन्म कल्याणक की आंतरिक क्रियाएं सम्पन्न कराईं। इसके उपरांत भोपाल से आए कलाकारों द्वारा भगवान नेमिनाथ के जन्म का आकर्षक नाट्य मंचन प्रस्तुत किया गया, जिसे उपस्थित श्रद्धालुओं ने भावविभोर होकर देखा।
नाट्य मंचन में दर्शाया गया कि तीर्थंकर के जन्म के साथ ही सौधर्म इंद्र का सिंहासन डोल उठता है और चारों ओर दिव्य ध्वनियां गूंजने लगती हैं। पृथ्वी लोक पर सभी जीव आनंद का अनुभव करते हैं। तत्पश्चात सौधर्म इंद्र अपनी पत्नी शची इंद्राणी के साथ शौरीपुर नगरी पहुंचते हैं और बालक तीर्थंकर को ऐरावत हाथी पर विराजमान कर भव्य शोभायात्रा निकालते हैं। मंदिर प्रांगण में ही जन्म कल्याणक की शोभायात्रा निकाली गई और पांडुक शिला पर 1008 स्वर्ण कलशों से जलाभिषेक किया गया। इसके बाद शची इंद्राणी द्वारा बालक तीर्थंकर का श्रृंगार कर उन्हें माता-पिता को सौंपा गया।
शाम के समय सिद्धार्थ श्रेया जैन सहित अनेक श्रद्धालुओं ने पालनहारे को पालना झुलाया। महोत्सव में ऋतु जैन, प्रियंका जैन, निकित जैन, आर्ची जैन, इशू जैन, अनन्या जैन, अवनि जैन, रिद्धि जैन, अक्षिता जैन, भूमि जैन, प्रार्थना जैन, तरस चंद्र जैन, अमर जैन, विपिन जैन, मनीष जैन, रविंद्र कुमार जैन, मधु जैन, अंशुल जैन, ऋचा जैन, रेयांशी जैन, मनोज जैन, बबिता जैन, शौर्य जैन, सौम्या जैन सहित अनेक जिनभक्त उपस्थित रहे।





