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सियासत का सितारा: उत्तर प्रदेश की राजनीति में प्रभावशाली नेता बनकर उभरे मनोज पांडेय

पवन कुमार गुप्ता: लखनऊ/रायबरेली। मनोज कुमार पांडेय उत्तर प्रदेश की राजनीति में एक प्रभावशाली नेता के रूप में तेजी से उभरे हैं। रायबरेली जिले की ऊंचाहार विधानसभा सीट से लगातार जीत दर्ज करने वाले मनोज पांडेय का प्रभाव अब आसपास की कई विधानसभा क्षेत्रों में भी देखा जा रहा है। डॉ. मनोज कुमार पांडेय का जन्म 15 अप्रैल 1968 को रायबरेली में हुआ। उन्होंने अपनी स्नातक शिक्षा रायबरेली स्थित फिरोज गांधी कॉलेज से प्राप्त की। राजनीतिक जीवन की शुरुआत उन्होंने समाजवादी पार्टी से की और वर्ष 1995 में रायबरेली नगर पालिका परिषद अध्यक्ष पद का चुनाव लड़ा, हालांकि उन्हें सफलता नहीं मिली। इसके बाद वर्ष 2000 में वह नगर पालिका परिषद के अध्यक्ष निर्वाचित हुए, जहां उन्हें राज्यमंत्री का दर्जा भी प्राप्त हुआ।

वर्ष 2012 में वह पहली बार ऊंचाहार विधानसभा क्षेत्र से समाजवादी पार्टी के टिकट पर विधायक चुने गए। पहली बार विधायक बनने के बाद ही तत्कालीन मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने उन्हें कैबिनेट मंत्री बनाया। उन्होंने सरकार में कई महत्वपूर्ण विभागों की जिम्मेदारी संभाली। इसके बाद वर्ष 2017 और 2022 के विधानसभा चुनावों में भी उन्होंने समाजवादी पार्टी के टिकट पर जीत दर्ज की। 2022 विधानसभा चुनाव के बाद समाजवादी पार्टी ने उन्हें मुख्य सचेतक की जिम्मेदारी सौंपी थी। लेकिन फरवरी 2024 में राज्यसभा चुनाव के दौरान उन्होंने पार्टी लाइन से हटकर क्रॉस वोटिंग की और मुख्य सचेतक पद से इस्तीफा दे दिया। इसके बाद समाजवादी पार्टी ने उन्हें निष्कासित कर दिया। मई 2024 में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह की मौजूदगी में उन्होंने भारतीय जनता पार्टी की सदस्यता ग्रहण कर ली।

रविवार, मई 2026 में मनोज पांडेय को योगी आदित्यनाथ मंत्रिमंडल में कैबिनेट मंत्री के रूप में शामिल किया गया। आनंदीबेन पटेल ने उन्हें पद एवं गोपनीयता की शपथ दिलाई। राजनीतिक जानकारों के अनुसार मनोज पांडेय की सबसे बड़ी विशेषता उनका जनता के बीच लगातार सक्रिय रहना है। वह नियमित रूप से नुक्कड़ सभाएं, जन चौपाल, जनता दर्शन कार्यक्रम और सामाजिक-सांस्कृतिक आयोजनों में भाग लेते रहते हैं। यही कारण है कि उन्हें क्षेत्र में व्यापक जनसमर्थन प्राप्त होता रहा है।

जानकारी के मुताबिक भाजपा के क्षेत्रीय संगठन के साथ-साथ उन्होंने अपनी अलग टीम भी ब्लॉक और तहसील स्तर पर तैयार कर रखी है। उनकी संगठनात्मक क्षमता और सक्रिय जनसंपर्क के चलते उनका प्रभाव ऊंचाहार के अलावा आसपास की कई विधानसभा सीटों पर भी माना जाता है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि आगामी विधानसभा चुनाव 2027 में इसका लाभ भारतीय जनता पार्टी और स्वयं मनोज पांडेय दोनों को मिल सकता है। वर्तमान समय में रायबरेली जिले के साथ-साथ पूरे उत्तर प्रदेश की राजनीति में ब्राह्मण समाज के बीच मनोज पांडेय एक प्रभावशाली नेता के रूप में स्थापित होते दिखाई दे रहे हैं।

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