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विश्व थायरॉयड दिवस पर एम्स रायबरेली में जागरूकता कार्यक्रम आयोजित

रायबरेली। विश्व थायरॉयड दिवस के अवसर पर एम्स रायबरेली में जनजागरूकता के उद्देश्य से विभिन्न कार्यक्रमों का आयोजन किया गया। इस वर्ष विश्व थायरॉयड दिवस की थीम “जन्मजात हाइपोथायरायडिज्म के लिए नवजात शिशुओं की सार्वभौमिक स्क्रीनिंग आवश्यक है” रही। कार्यक्रम का उद्देश्य आम जनता, विशेषकर माताओं में जन्मजात हाइपोथायरॉयडिज्म के प्रति जागरूकता बढ़ाना था।

अस्पताल के ओपीडी परिसर में एमबीबीएस विद्यार्थियों द्वारा जागरूकता लघु नाटिका प्रस्तुत की गई, जिसके माध्यम से मरीजों एवं उनके तीमारदारों को सरल भाषा में बीमारी के लक्षण, बचाव और उपचार के बारे में जानकारी दी गई। इसके अलावा पोस्टर प्रतियोगिता का आयोजन भी किया गया, जिसमें मरीजों, अभिभावकों एवं चिकित्सा छात्रों ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। प्रतिभागियों ने थायरॉयड रोगों की रोकथाम, समय पर पहचान एवं उपचार पर आधारित आकर्षक पोस्टर प्रस्तुत किए।

कार्यक्रम का आयोजन बाल रोग विभाग की एडिशनल प्रोफेसर एवं बाल चिकित्सा एंडोक्राइनोलॉजी प्रभारी डॉ. नमिता मिश्रा द्वारा किया गया। उन्होंने माताओं को संबोधित करते हुए जन्मजात हाइपोथायरॉयडिज्म के लक्षण, जांच एवं उपचार के विषय में विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने बताया कि नवजात शिशुओं में थायरॉयड संबंधी समस्याओं की समय रहते जांच से गंभीर जटिलताओं को रोका जा सकता है।

अस्पताल के अपर चिकित्सा अधीक्षक डॉ. नीरज श्रीवास्तव मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। उन्होंने आम जनता को थायरॉयड से जुड़ी समस्याओं के बारे में जानकारी देते हुए अभिभावकों को नियमित स्वास्थ्य जांच एवं चिकित्सकीय परामर्श लेने के लिए प्रेरित किया। साथ ही उन्होंने बाल रोग विभाग को इस आयोजन के लिए बधाई दी और पोस्टर व प्रश्नोत्तरी प्रतियोगिता के प्रतिभागियों को पुरस्कार वितरित किए।

ईएनटी विभागाध्यक्ष डॉ. अनन्या सोनी ने मरीजों को थायरॉयड से संबंधित सर्जरी के बारे में जानकारी दी। वहीं बाल रोग विभागाध्यक्ष डॉ. मृत्युंजय कुमार ने कार्यक्रम में सहयोग करने वाले सभी रेजिडेंट्स, स्टाफ एवं फैकल्टी की सराहना की।

संस्थान की कार्यकारी निदेशक डॉ. अमिता जैन ने कार्यक्रम की प्रशंसा करते हुए कहा कि जन्मजात हाइपोथायरॉयडिज्म की समय पर पहचान एवं उपचार बच्चों के शारीरिक एवं मानसिक विकास के लिए अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने कहा कि इस प्रकार के जागरूकता कार्यक्रम समाज में स्वास्थ्य संबंधी सही जानकारी पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।

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