ऊंचाहार, रायबरेली। बीते नौ माह से अपने ऊपर हुए अत्याचार के लिए संघर्ष कर रही दलित महिला की मेहनत रंग लाई है। न्यायालय के आदेश पर आरोपित प्रधान के विरुद्ध मुकदमा दर्ज होने के बावजूद पुलिस मामले में कोई कार्रवाई नहीं कर रही थी। हाई कोर्ट के आदेश के बाद अब पुलिस भी सक्रिय हुई है।
मामला तहसील के जगतपुर थाना क्षेत्र के उड़वा गांव का है। गांव की एक दलित महिला का आरोप है कि उसके खेत के पड़ोसियों से विवाद था। सुलह के लिए ग्राम प्रधान रमेश मिश्र ने उसे बुलाया था। जब वह उनके पास पहुंची तो उनकी नीयत खराब हो गई और उससे अनैतिक संबंध बनाने का दबाव डाला। महिला का कहना है कि जब उसने प्रधान की बात मानने से इनकार कर दिया तो उन्होंने उसे परेशान करना शुरू कर दिया। बीते वर्ष अक्टूबर माह में जब वह जा रही थी तो प्रधान ने रास्ते में उसे रोककर उसके साथ अश्लील हरकत की और जबरन अपनी कार में घसीटने का प्रयास किया। शोरगुल करने पर उसकी आबरू बच पाई। इस मामले में लिखित शिकायत के बाद भी पुलिस ने कोई कार्रवाई नहीं की। इसके बाद जनवरी माह में उसके साथ दूसरी घटना हो गई। आरोप है कि प्रधान ने उसे सुनसान स्थान पर पकड़कर उसके साथ जबरदस्ती की कोशिश की। इस मामले में भी शिकायत के बावजूद पुलिस ने कोई कार्रवाई नहीं की तो उसने न्यायालय की शरण ली।
फलस्वरूप कोर्ट के आदेश पर जून माह में मामले की प्राथमिकी दर्ज हुई। इसके बावजूद पुलिस मामले में कोई रुचि नहीं दिखा रही थी, तो पीड़िता उच्च न्यायालय पहुंच गई। इसके बाद हाई कोर्ट ने मामले को गंभीरता से लेते हुए गहन विवेचना और साक्ष्य संकलन के निर्देश दिए। हाई कोर्ट के निर्देश के बाद पुलिस अब जाकर सक्रिय हुई है। शनिवार को क्षेत्राधिकारी गिरजा शंकर त्रिपाठी पुलिस बल के साथ आरोपित के आवास और घटना स्थल पर पहुंचे। उन्होंने पीड़िता का बयान दर्ज किया। सीओ का कहना है कि मामले में कोर्ट के आदेश पर दलित उत्पीड़न और छेड़छाड़ का मुकदमा दर्ज किया गया है, जिसकी विवेचना प्रचलित है। उधर, पीड़िता ने बताया कि उसके साथ आरोपित ने दुष्कर्म किया है। इस बात की जानकारी उसने कोर्ट और पुलिस अधिकारियों को भी दी है।





