30 मई तक आंधी-तूफान और भारी बारिश का अलर्ट

➟ हवा की गति 80 से 100 किमी/घंटा रहने और वज्रपात की आशंका, अनावश्यक बाहर न निकलने की सलाह
➟ जिलाधिकारी सरनीत कौर ब्रोका बोलीं: सतर्कता एवं सावधानी ही आपदा से बचाव का सबसे प्रभावी माध्यम

रायबरेली। मौसम विभाग उत्तर प्रदेश एवं राहत आयुक्त कार्यालय लखनऊ द्वारा प्रदेश के कई हिस्सों के साथ-साथ रायबरेली जनपद में 30 मई 2026 तक तेज हवा, आंधी-तूफान, मेघगर्जन, बेमौसम भारी वर्षा और वज्रपात (आकाशीय बिजली) की आशंका व्यक्त की गई है। इस दौरान आंधी की रफ्तार 80 से 90 किलोमीटर प्रति घंटा से बढ़कर 100 किलोमीटर प्रति घंटा तक पहुंच सकती है।

संभावित मौसमीय परिस्थितियों के दृष्टिगत जिलाधिकारी सरनीत कौर ब्रोका ने जनपदवासियों से पूर्ण सतर्कता एवं सावधानी बरतने की अपील की है। उन्होंने कहा कि नागरिक किसी भी प्रकार की आपदा जनित स्थिति से बचाव के लिए प्रशासन द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का कड़ाई से अनुपालन सुनिश्चित करें। आंधी-तूफान, तेज वर्षा और वज्रपात के दौरान थोड़ी सी लापरवाही भी बड़ी जनहानि या दुर्घटना का कारण बन सकती है। मौसम खराब होने पर अनावश्यक रूप से घरों से बाहर न निकलें। यदि अचानक तेज आंधी या बारिश शुरू हो जाए, तो तत्काल किसी सुरक्षित पक्के भवन में शरण लें। खुले मैदान, सड़क, खेत, पेड़ अथवा बिजली के खंभों के नीचे खड़े होने से बचें।

जिलाधिकारी ने विशेष रूप से किसानों, मजदूरों और पशुपालकों से अपील की है कि मौसम खराब होने पर खेतों या खुले स्थानों पर चल रहा कार्य तत्काल रोककर सुरक्षित स्थानों पर चले जाएं। खेतों में काम करते समय बिजली चमकने की स्थिति में पेड़ों के नीचे शरण बिल्कुल न लें। जिन नागरिकों के पास स्मार्टफोन हैं, वे “दामिनी” ऐप जरूर डाउनलोड करें ताकि वज्रपात की सटीक चेतावनी समय पर मिल सके।

आपदा से बचाव के लिए क्या करें और क्या न करें:
क्या करें:
  • सुरक्षित शरण लें: मौसम खराब होते ही तुरंत किसी पक्के मकान या छत के नीचे चले जाएं।

  • उपकरण बंद करें: मेघगर्जन और बिजली कड़कने के दौरान घरों के अंदर रहें और बिजली से चलने वाले उपकरणों को बंद कर दें।

  • वाहन में रहें: यदि सफर के दौरान मौसम खराब हो, तो वाहन को किसी सुरक्षित स्थान पर रोककर उसके अंदर ही बैठे रहें।

  • जलस्रोतों से दूरी: जलभराव वाले क्षेत्रों, नदी, तालाब और नहरों से पर्याप्त दूरी बनाकर रखें।

  • हेल्पलाइन का उपयोग: आपात स्थिति होने पर तत्काल टोल-फ्री नंबर 1070, 112, 108 या जिला आपदा नियंत्रण कक्ष के नंबर 10770535-224084 पर संपर्क करें।

क्या न करें:
  • खुले में न रुकें: तेज आंधी-पानी के दौरान खुले मैदान, सड़क, खेत अथवा घर की खुली छत पर रुकने की गलती न करें।

  • पेड़-खंभों से बचें: पेड़, बिजली के खंभे या मोबाइल टावर के नीचे कभी भी शरण न लें।

  • धातु की वस्तुओं से दूर रहें: आकाशीय बिजली चमकने के दौरान लोहे की छड़, कृषि उपकरण या धातु की डंडी वाले छाते का प्रयोग न करें।

  • समूह में न खड़े हों: खुले स्थानों पर लोग समूह (भीड़) बनाकर खड़े न हों।

  • वाहनों की पार्किंग: अपने वाहनों को पेड़ों या बिजली की हाईटेंशन लाइनों के नीचे पार्क न करें।

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