रायबरेली। विधानसभा ऊंचाहार क्षेत्र के अंतर्गत नवचयनित आंगनबाड़ी सहायिकाओं को नियुक्ति पत्र एवं आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों को स्मार्ट फोन वितरण कार्यक्रम का आयोजन बाल विकास एवं पुष्टाहार विभाग द्वारा सिविल लाइन स्थित सूर्या होटल में किया गया। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में उत्तर प्रदेश सरकार के खाद्य एवं रसद तथा नागरिक आपूर्ति विभाग के मंत्री डॉ. मनोज कुमार पांडेय ने प्रतिभाग किया। इस अवसर पर ब्लॉक प्रमुख जगतपुर दल बहादुर सिंह एवं मुख्य विकास अधिकारी अंजू लता भी उपस्थित रहीं।
कार्यक्रम में विधानसभा ऊंचाहार क्षेत्र के विकास खंड डलमऊ, दीनशाह गौरा, ऊंचाहार, जगतपुर और रोहनियां की नव नियुक्त आंगनबाड़ी सहायिकाओं को नियुक्ति पत्र वितरित किए गए, वहीं आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों को स्मार्ट फोन प्रदान किए गए। विभागीय आंकड़ों के अनुसार विधानसभा क्षेत्र में कुल 251 नव नियुक्त आंगनबाड़ी सहायिकाओं को नियुक्ति पत्र वितरित किए गए। इनमें डलमऊ की 103, दीनशाह गौरा की 25, ऊंचाहार की 73, जगतपुर की 18 तथा रोहनियां की 32 सहायिकाएं शामिल हैं। इसके अलावा कुल 620 आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों को स्मार्ट फोन वितरित किए गए, जिनमें डलमऊ की 196, दीनशाह गौरा की 106, ऊंचाहार की 147, जगतपुर की 100 और रोहनियां की 71 कार्यकत्रियां शामिल हैं। अपने संबोधन में मंत्री डॉ. मनोज कुमार पांडेय ने कहा कि यह कार्यक्रम केवल नियुक्ति पत्र एवं स्मार्ट फोन वितरण तक सीमित नहीं है, बल्कि महिला सशक्तिकरण, बाल विकास और डिजिटल सुशासन के प्रति प्रदेश सरकार की प्रतिबद्धता का प्रतीक है। उन्होंने कहा कि आंगनबाड़ी केंद्र केवल बच्चों के पोषण और प्रारंभिक शिक्षा का माध्यम नहीं हैं, बल्कि समाज के भविष्य को मजबूत बनाने की आधारशिला हैं।
उन्होंने नव नियुक्त सहायिकाओं को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य, पोषण, टीकाकरण तथा बच्चों के सर्वांगीण विकास में आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों और सहायिकाओं की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है। उन्होंने कहा कि आंगनबाड़ी कार्यकत्रियां राष्ट्र निर्माण में महत्वपूर्ण योगदान दे रही हैं और बच्चों तथा महिलाओं तक स्वास्थ्य सेवाएं पहुंचाने में सेतु का कार्य कर रही हैं। मंत्री ने कहा कि प्रदेश सरकार महिलाओं को आत्मनिर्भर और सशक्त बनाने के लिए निरंतर प्रयासरत है। मुख्यमंत्री के नेतृत्व में महिलाओं एवं बच्चों के कल्याण के लिए अनेक योजनाएं संचालित की जा रही हैं। आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों और सहायिकाओं को आधुनिक संसाधनों से जोड़ने का उद्देश्य उनके कार्यों को अधिक प्रभावी, पारदर्शी और सुगम बनाना है।
उन्होंने बताया कि स्मार्ट फोन के माध्यम से विभागीय योजनाओं की ऑनलाइन मॉनिटरिंग, लाभार्थियों का डेटा संकलन, पोषण ट्रैकिंग तथा शासन स्तर पर सूचनाओं के आदान-प्रदान में तेजी आएगी। इससे सेवाओं की गुणवत्ता में सुधार होगा और योजनाओं का लाभ समयबद्ध तरीके से पात्र लोगों तक पहुंच सकेगा। मुख्य विकास अधिकारी अंजू लता ने कहा कि आंगनबाड़ी कार्यकत्रियां एवं सहायिकाएं महिला एवं बाल विकास योजनाओं के सफल संचालन में अहम भूमिका निभाती हैं। स्मार्ट फोन उपलब्ध होने से कार्यों में पारदर्शिता बढ़ेगी और लाभार्थियों तक सेवाओं की पहुंच और अधिक प्रभावी होगी।
कार्यक्रम का संचालन एस.एस. पांडेय ने किया। इस अवसर पर जिला कार्यक्रम अधिकारी सुरेंद्र कुमार, बाल विकास परियोजना अधिकारी, आंगनबाड़ी कार्यकत्रियां, सहायिकाएं एवं अन्य संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे।





