ऊंचाहार, रायबरेली। क्षेत्र के पट्टी रहस स्थित गोकर्ण ऋषि गौशाला में पशुओं की देखभाल को लेकर गंभीर लापरवाही का मामला सामने आया है। ग्रामीणों की शिकायत पर जिलाधिकारी के निर्देश पर कराई गई जांच में चौंकाने वाले तथ्य उजागर हुए हैं। जांच में पाया गया कि गौशाला में चारा और पानी की समुचित व्यवस्था न होने के कारण गायों की मौत हो रही है, जबकि मृत पशुओं के शवों को खुले में फेंका जा रहा है। गौशाला के संचालन की जिम्मेदारी ग्राम पंचायत के पास है। गांव के महेंद्र कांत उपाध्याय, ललित कुमार और अमित सिंह राठौर ने अप्रैल माह में जिलाधिकारी से शिकायत कर गौशाला की बदहाल स्थिति की जानकारी दी थी। शिकायत को गंभीरता से लेते हुए जिलाधिकारी ने उपायुक्त स्वरोजगार सविता सिंह को जांच की जिम्मेदारी सौंपी।
जांच के दौरान पाया गया कि गौशाला में पशुओं के लिए बनी एकमात्र पानी की टंकी क्षतिग्रस्त है, जिससे उसमें पानी रुक नहीं पाता। इसके अलावा पशुओं के लिए हरा चारा, भूसा, गर्भवती गायों हेतु दाना तथा पौष्टिक आहार की व्यवस्था भी नहीं मिली। जांच टीम को गौशाला से कुछ दूरी पर खुले स्थान पर मृत पशुओं के अवशेष और कंकाल भी मिले, जिससे व्यवस्था की गंभीर स्थिति उजागर हुई। जांच में यह भी सामने आया कि पशुओं के उपचार संबंधी अभिलेखों में लगभग एक वर्ष पुरानी प्रविष्टियां दर्ज हैं। गौशाला में सुरक्षा और निगरानी के लिए लगाया गया सीसीटीवी कैमरा भी लंबे समय से बंद पड़ा मिला। इस संबंध में जिम्मेदार अधिकारियों और कर्मचारियों से कोई संतोषजनक जवाब नहीं मिल सका। वहीं गौशाला में तैनात कर्मचारियों की संख्या भी निर्धारित मानकों से कम पाई गई।
उपायुक्त स्वरोजगार ने जांच रिपोर्ट और फोटोग्राफ सहित विस्तृत आख्या 20 मई को जिलाधिकारी को सौंप दी है। रिपोर्ट सामने आने के बाद संबंधित विभागों और जिम्मेदारों में हड़कंप मचा हुआ है। गौशाला की बदहाल व्यवस्था, पशुओं की मौत और मृत जानवरों के शव खुले में फेंकने जैसे गंभीर मामलों को देखते हुए जिम्मेदारों पर कार्रवाई की संभावना जताई जा रही है।





