रायबरेली। विश्व तंबाकू निषेध दिवस के उपलक्ष्य में अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) रायबरेली के सामुदायिक चिकित्सा एवं जनस्वास्थ्य विभाग द्वारा को डिग्री कॉलेज चौराहा क्षेत्र में जनजागरूकता वॉकाथॉन का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य लोगों, विशेषकर युवाओं, को तंबाकू एवं निकोटीन के दुष्प्रभावों के प्रति जागरूक करना तथा तंबाकू मुक्त समाज के निर्माण के लिए प्रेरित करना था।
वॉकाथॉन का शुभारंभ एम्स रायबरेली की कार्यपालक निदेशक प्रो. डॉ. अमिता जैन ने किया। उन्होंने युवाओं एवं आमजन से तंबाकू और निकोटीन की लत से दूर रहने का आह्वान करते हुए स्वस्थ जीवनशैली अपनाने तथा तंबाकू त्याग के लिए दृढ़ संकल्प लेने पर बल दिया। कार्यक्रम में जिला प्रशासन की ओर से सिटी मजिस्ट्रेट विशिष्ट अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। वॉकाथॉन में एम्स के फैकल्टी सदस्य, रेजिडेंट डॉक्टर, नर्सिंग अधिकारी, कर्मचारी, छात्र-छात्राएं और आम नागरिकों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया।
प्रतिभागियों ने “तंबाकू मुक्त युवा”, “जन-जन का एक ही नारा, तंबाकू मुक्त देश हमारा” और “Say No to Tobacco” जैसे नारों के माध्यम से लोगों को तंबाकू सेवन के दुष्प्रभावों के प्रति जागरूक किया। सामुदायिक चिकित्सा एवं जनस्वास्थ्य विभाग के अध्यक्ष प्रो. डॉ. भोला नाथ ने कहा कि तंबाकू सेवन आज एक गंभीर सार्वजनिक स्वास्थ्य चुनौती बन चुका है। उन्होंने कहा कि ऐसे जागरूकता कार्यक्रमों में तंबाकू का सेवन करने वाले लोगों की भी सक्रिय भागीदारी आवश्यक है, ताकि वे इसके दुष्प्रभावों को समझ सकें और तंबाकू छोड़ने के लिए प्रेरित हों।
उन्होंने विभाग द्वारा संचालित तंबाकू निषेध क्लिनिक की जानकारी देते हुए बताया कि ओल्ड ओपीडी भवन के कक्ष संख्या 26 में संचालित इस क्लिनिक में तंबाकू छोड़ने के इच्छुक लोगों को परामर्श एवं आवश्यक सहायता प्रदान की जाती है। साथ ही विभाग ग्रामीण एवं सामुदायिक स्तर पर भी नियमित रूप से तंबाकू नियंत्रण और जागरूकता अभियान संचालित करता है।
कार्यक्रम के समन्वयक डॉ. नीरज पवार ने तंबाकू सेवन के स्वास्थ्य पर पड़ने वाले दुष्प्रभावों तथा युवाओं में बढ़ती इसकी प्रवृत्ति के बारे में जानकारी दी और लोगों को इससे दूर रहने के लिए प्रेरित किया। इस अवसर पर डॉ. मुकेश शुक्ला, डॉ. मानस, डॉ. शशांक, इंटर्न अक्षत पांडेय, पीजी छात्र, विभागीय स्टाफ तथा अन्य प्रतिभागियों ने सक्रिय सहभागिता की। कार्यक्रम प्रो. डॉ. भोला नाथ के मार्गदर्शन एवं डॉ. नीरज पवार के समन्वय में संपन्न हुआ।





