ऊंचाहार, रायबरेली। नगर पंचायत क्षेत्र के मोहल्ला मजहरगंज में एक गरीब परिवार के मकान निर्माण कार्य पर राजस्व विभाग द्वारा कथित रूप से रोक लगाए जाने का मामला सामने आया है। पीड़ित ने इस कार्रवाई को अन्यायपूर्ण बताते हुए उच्चाधिकारियों से न्याय की गुहार लगाई है और चेतावनी दी है कि यदि उसे इंसाफ नहीं मिला तो वह प्रदेश मुख्यालय पर धरना देने को मजबूर होगा। मोहल्ला मजहरगंज निवासी सोनू गुप्ता का कहना है कि जिस भूखंड पर वह मकान का निर्माण करा रहे हैं, उस पर उनके परिवार का लगभग 60 वर्षों से कब्जा है। संबंधित भूमि राजस्व अभिलेखों में आबादी के रूप में दर्ज है। नियमानुसार आबादी की भूमि पर कब्जाधारी का स्वामित्व माना जाता है।
बताया गया है कि करीब आठ माह पूर्व सोनू गुप्ता ने निर्माण कार्य के लिए नगर पंचायत में नक्शा स्वीकृत कराने हेतु आवेदन किया था। नगर पंचायत ने मामले में राजस्व विभाग से आख्या मांगी थी। राजस्व अधिकारियों एवं कर्मचारियों द्वारा प्रस्तुत रिपोर्ट में भूमि पर सोनू गुप्ता का स्वामित्व स्वीकार किया गया, जिसके आधार पर नगर पंचायत ने भवन निर्माण का नक्शा स्वीकृत कर दिया।
आरोप है कि अब जब निर्माण कार्य शुरू किया गया तो राजस्व विभाग के कर्मचारियों ने मौके पर पहुंचकर निर्माण रुकवा दिया। इससे पीड़ित परिवार परेशान है और यह सवाल उठा रहा है कि जब विभाग की रिपोर्ट में स्वामित्व स्वीकार किया गया था तो अब निर्माण कार्य किस आधार पर रोका जा रहा है। पीड़ित ने उच्चाधिकारियों से मामले की निष्पक्ष जांच कराकर निर्माण कार्य शुरू कराने की मांग की है। उनका कहना है कि यदि उन्हें न्याय नहीं मिला तो वह प्रदेश मुख्यालय पहुंचकर धरना प्रदर्शन करेंगे। इस संबंध में नगर पंचायत अध्यक्ष ममता जायसवाल ने बताया कि राजस्व विभाग की आख्या रिपोर्ट के आधार पर ही भवन निर्माण का नक्शा स्वीकृत किया गया है। नियमानुसार निर्माण कार्य किया जा सकता है।





