फिरोजाबाद। शहर के ऐतिहासिक घंटाघर के पुनर्निर्माण को लेकर भारतीय उद्योग व्यापार मंडल के पदाधिकारियों ने नगर आयुक्त और सदर विधायक से मुलाकात कर घंटाघर को उसके मूल स्वरूप एवं मूल स्थान पर ही पुनर्निर्मित किए जाने की मांग उठाई। इस दौरान शास्त्री मार्केट की दुकानों के किराया निर्धारण संबंधी मुद्दे पर भी चर्चा की गई। व्यापार मंडल के महानगर अध्यक्ष प्रशांत माहेश्वरी के नेतृत्व में पदाधिकारियों ने नगर आयुक्त प्रशांत नागर और सदर विधायक मनीष असीजा को ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में कहा गया कि वर्ष 1970 में समाजसेवी स्वर्गीय गोविंदराम अग्रवाल द्वारा जिस स्वरूप और अवधारणा के साथ घंटाघर का निर्माण कराया गया था, उसी ऐतिहासिक पहचान को बरकरार रखते हुए इसका पुनर्निर्माण किया जाना चाहिए।
व्यापारियों ने कहा कि घंटाघर शहर की सांस्कृतिक और ऐतिहासिक धरोहर है, इसलिए इसके स्वरूप में किसी भी प्रकार का बड़ा बदलाव स्वीकार नहीं किया जाएगा। उन्होंने मांग की कि घंटाघर का पुनर्निर्माण उसी स्थान पर किया जाए, जहां यह पहले स्थित था और जिस कुएं के ऊपर इसका निर्माण हुआ था। पदाधिकारियों ने आरोप लगाया कि घंटाघर की संरचना को ध्वस्त करने से पूर्व निर्माण कराने वाले परिवार से आवश्यक सहमति नहीं ली गई, जिससे व्यापारियों और नागरिकों में नाराजगी व्याप्त है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि घंटाघर की डिजाइन या स्थान में परिवर्तन किया गया तो इसका विरोध किया जाएगा। व्यापार मंडल ने नगर निगम प्रशासन से शहर की ऐतिहासिक विरासत को सुरक्षित रखने और पुनर्निर्माण कार्य में मूल स्वरूप को प्राथमिकता देने की मांग की। ज्ञापन सौंपने वालों में प्रदेश मंत्री सुनील पैगोरिया, निकेश जैन, सचिन जैन, भरत गोयल, कमल अग्रवाल, प्रदीप जैन, आतिश गुप्ता, हिमांशु अग्रवाल, अर्पित जैन, प्रदीप अग्रवाल सहित अन्य पदाधिकारी मौजूद रहे।





