पवन कुमार गुप्ता: रायबरेली। एनटीपीसी ऊंचाहार में संचालित बालिका सशक्तिकरण अभियान (जेम) के समापन समारोह का आयोजन हर्षोल्लास एवं गरिमामय वातावरण में किया गया। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि एनटीपीसी क्षेत्रीय मुख्यालय (उत्तर एवं दक्षिण) के मुख्य महाप्रबंधक (मानव संसाधन) सूर्य नारायण पाणिग्रही रहे।
समारोह का शुभारंभ दीप प्रज्ज्वलन के साथ हुआ। इस अवसर पर परियोजना प्रमुख बिस्व मोहन सिंह ने मुख्य अतिथि एवं अन्य विशिष्ट अतिथियों का स्वागत करते हुए बालिका सशक्तिकरण अभियान के सफल संचालन और समापन पर प्रसन्नता व्यक्त की। उन्होंने कार्यक्रम के आयोजन में योगदान देने वाले सभी अधिकारियों, कर्मचारियों एवं सहयोगियों के प्रयासों की सराहना की। उन्होंने कहा कि एनटीपीसी का यह प्रमुख सामाजिक दायित्व कार्यक्रम ग्रामीण बालिकाओं के सर्वांगीण विकास तथा उनके उज्ज्वल भविष्य के निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है। कार्यक्रम के माध्यम से बालिकाओं को शिक्षा, व्यक्तित्व विकास और आत्मनिर्भरता की दिशा में आगे बढ़ने का अवसर मिल रहा है।
मुख्य अतिथि सूर्य नारायण पाणिग्रही ने अपने संबोधन में बालिका सशक्तिकरण अभियान की सराहना करते हुए कहा कि इस प्रकार की पहलें बालिकाओं के व्यक्तित्व विकास, आत्मविश्वास और नेतृत्व क्षमता को नई दिशा प्रदान करती हैं। उन्होंने बालिकाओं को शिक्षा एवं कौशल विकास के माध्यम से अपने सपनों को साकार करने के लिए प्रेरित किया तथा कार्यक्रम के सफल आयोजन के लिए एनटीपीसी ऊंचाहार प्रबंधन की प्रशंसा की। समारोह के दौरान जेम से जुड़ी बालिकाओं ने सांस्कृतिक एवं रचनात्मक प्रस्तुतियों के माध्यम से अपनी प्रतिभा का शानदार प्रदर्शन किया। उनकी मनोहारी प्रस्तुतियों ने उपस्थित अतिथियों और दर्शकों का मन मोह लिया तथा प्रशिक्षण के सकारात्मक परिणामों को प्रदर्शित किया।
कार्यक्रम में महाप्रबंधक आशुतोष बिस्वास, दिलीप कुमार साहू, एस. यू. हरिदास, मानव संसाधन प्रमुख पंकज कुमार, यूनियन एवं एसोसिएशन के पदाधिकारी, प्रियदर्शिनी लेडीज क्लब की अध्यक्षा रश्मि देबता तथा उत्तरा महिला समिति की वरिष्ठ सदस्या श्रीमती पाणिग्रही सहित बड़ी संख्या में अधिकारी, विभागाध्यक्ष और गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे। समारोह का समापन बालिकाओं के उज्ज्वल भविष्य की मंगलकामनाओं के साथ हुआ। यह आयोजन महिला सशक्तिकरण, शिक्षा और सामाजिक उत्थान के प्रति एनटीपीसी ऊंचाहार की प्रतिबद्धता का सशक्त उदाहरण बनकर उभरा।





