ऊंचाहार, रायबरेली। भीषण गर्मी और मानसून में हो रही देरी के बीच ऊंचाहार देहात के ग्राम प्रधान धनराज यादव ने गांव के ट्यूबवेल संचालक किसानों से जल संरक्षण और पशु-पक्षियों की प्यास बुझाने के लिए सहयोग की अपील की है। उन्होंने किसानों से अनुरोध किया है कि वे अपने नलकूपों के माध्यम से गांव के तालाबों, जलाशयों और गड्ढों में पानी भरने में योगदान दें। ग्राम प्रधान ने बताया कि क्षेत्र के अधिकांश तालाब और जलाशय पूरी तरह सूख चुके हैं, जिससे पशु-पक्षियों और बेसहारा मवेशियों को पीने के पानी के लिए भटकना पड़ रहा है। इसके अलावा भूजल स्तर में लगातार गिरावट दर्ज की जा रही है। ऐसे में जलाशयों को भरना भूजल रिचार्ज के लिए भी आवश्यक है।
उन्होंने सभी ट्यूबवेल मालिक किसानों से सप्ताह में कम से कम एक दिन अपने नलकूप का पानी निकटवर्ती जलाशयों में छोड़ने की अपील की। उनका कहना है कि यह कार्य न केवल पर्यावरण संरक्षण में सहायक होगा, बल्कि बेजुबान जीवों के लिए भी राहत का माध्यम बनेगा। कजराबाद गांव के निवासी सुरेंद्र यादव ने इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि पहले गांव के तालाब वर्षभर पानी से भरे रहते थे, लेकिन अतिक्रमण और बढ़ती गर्मी के कारण अब उनकी स्थिति चिंताजनक हो गई है। उन्होंने इसे समाजहित में उठाया गया सराहनीय कदम बताया।
ग्राम प्रधान धनराज यादव ने बताया कि उनकी ग्राम सभा के 32 गांवों में दो दर्जन से अधिक तालाब और जलाशय हैं। यदि ग्रामीणों और किसानों के सहयोग से इनमें पानी भर दिया जाए तो न केवल पशु-पक्षियों को राहत मिलेगी, बल्कि अग्निकांड जैसी आपात स्थितियों में भी यह पानी उपयोगी साबित होगा। उन्होंने कहा कि इस अभियान को सफल बनाने के लिए वह स्वयं ट्यूबवेल संचालक किसानों से व्यक्तिगत रूप से संपर्क कर सहयोग की अपील कर रहे हैं।





