फिरोजाबाद। भारतीय मजदूर संघ, फिरोजाबाद के तत्वावधान में गुरुवार को कर्मचारियों, श्रमिकों एवं असंगठित क्षेत्र के कामगारों की विभिन्न समस्याओं के समाधान की मांग को लेकर प्रदर्शन किया गया। इसके बाद जिलाधिकारी के माध्यम से मुख्यमंत्री को संबोधित 20 सूत्रीय ज्ञापन सौंपा गया। इस दौरान विभिन्न श्रमिक एवं कर्मचारी संगठनों के प्रतिनिधियों ने अपनी मांगों को प्रमुखता से उठाया। भारतीय मजदूर संघ के पदाधिकारियों ने कहा कि बढ़ती महंगाई, बेरोजगारी, संविदा एवं आउटसोर्सिंग कर्मचारियों के शोषण, आशा एवं आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं के कम मानदेय, सफाई कर्मियों की समस्याओं तथा श्रमिकों की सामाजिक सुरक्षा जैसे मुद्दों पर सरकार को गंभीरता से निर्णय लेना चाहिए।
ज्ञापन में आठवें वेतन आयोग की संस्तुतियां लागू करने, न्यूनतम वेतन 72 हजार रुपये प्रतिमाह निर्धारित करने, आशा एवं आशा संगिनी के मानदेय में वृद्धि, संविदा कर्मचारियों का नियमितीकरण, ई-रिक्शा एवं ऑटो चालकों के लिए स्टैंड की व्यवस्था, पुरानी पेंशन योजना बहाल करने, रिक्त सरकारी पदों पर भर्ती शुरू करने तथा पत्रकारों को सुरक्षा एवं सामाजिक सुरक्षा उपलब्ध कराने की मांग की गई। जनपद से जुड़ी मांगों में कांच एवं चूड़ी उद्योग के श्रमिकों के लिए कांच-चूड़ी पार्क की स्थापना, चूड़ी जुड़ाई एवं पकड़ाई श्रमिकों के लिए न्यूनतम मजदूरी तय करने, विद्युत संविदा कर्मचारियों को नियमित करने तथा विद्युत दुर्घटना पीड़ितों के उपचार के लिए ईएसआईसी अस्पताल स्थापित करने की मांग भी प्रमुख रही।
कार्यक्रम में प्रदेश उपाध्यक्ष भूपेन्द्र सिंह राणा, जिला मंत्री शिशुपाल तिवारी, जिला अध्यक्ष राजीव यादव, महानगर मंत्री राधा शंखवार, महानगर कार्यकारी अध्यक्ष रमाकांत भारद्वाज, भवन निर्माण अध्यक्ष ताराचन्द्र, ऑटो एवं ई-रिक्शा यूनियन के जयचंद्र राठौर, रेहड़ी-पटरी यूनियन के महेन्द्र सिंह, संगिनी नेत्री अनीता शर्मा, आशा नेत्री अनीता दुबे, जिला संयुक्त मंत्री एवं ग्लास मजदूर संघ के जिला संयोजक आशीष कांकोरिया, रजत वर्मा, विजय यादव, संदीप जैन, आर.के. मिश्रा सहित विभिन्न संगठनों के प्रतिनिधि और बड़ी संख्या में श्रमिक मौजूद रहे। भारतीय मजदूर संघ के पदाधिकारियों ने चेतावनी दी कि यदि श्रमिकों और कर्मचारियों की समस्याओं का शीघ्र समाधान नहीं किया गया तो संगठन लोकतांत्रिक तरीके से व्यापक आंदोलन शुरू करेगा।





