फिरोजाबाद। केंद्र सरकार के 12 वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष्य में चल रहे जनकल्याण एवं जनजागरूकता अभियान के तहत गुरुवार को विकास भवन परिसर में प्राकृतिक एवं प्रगतिशील खेती विषयक कार्यशाला का आयोजन किया गया। कार्यशाला में किसानों को रासायनिक खेती के स्थान पर प्राकृतिक एवं गौ-आधारित खेती अपनाने के लिए प्रेरित किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ महापौर कामिनी राठौर ने दीप प्रज्वलित कर किया। उन्होंने कहा कि प्राकृतिक खेती को सफल बनाने में गौ-पालन की महत्वपूर्ण भूमिका है। उत्तर प्रदेश गौ सेवा आयोग के सदस्य रमाकांत उपाध्याय ने किसानों को जीवामृत, घन जीवामृत तथा बायोगैस उत्पादन के लाभों की विस्तृत जानकारी दी।
भाजपा जिलाध्यक्ष उदय प्रताप सिंह ने किसानों से प्राकृतिक खेती अपनाकर खेती की लागत कम करने तथा मिट्टी की उर्वरता बनाए रखने का आह्वान किया। उप कृषि निदेशक सत्येंद्र प्रताप सिंह ने बताया कि राष्ट्रीय प्राकृतिक खेती मिशन के अंतर्गत जनपद में 50 क्लस्टर बनाए गए हैं, जिनमें 6250 किसानों का चयन किया गया है। प्रत्येक क्लस्टर में दो कृषि सखी (सीआरपी) तैनात की गई हैं, जो किसानों को तकनीकी मार्गदर्शन प्रदान कर प्राकृतिक खेती को बढ़ावा दे रही हैं। कृषि विज्ञान केंद्र के वैज्ञानिक डॉ. ओंकार सिंह ने प्राकृतिक खेती में पशुपालन की उपयोगिता पर प्रकाश डाला। कार्यक्रम का संचालन जिला कृषि अधिकारी सुमित कुमार चौहान ने किया।
कार्यशाला के दौरान प्रगतिशील किसान राम अवतार, वीरेंद्र सिंह, गोपाल एवं पूरन सिंह सहित अन्य किसानों को निःशुल्क बीज मिनीकिट वितरित किए गए। इस अवसर पर ब्लॉक प्रमुख सदर डॉ. लक्ष्मी नारायण यादव, किसान मोर्चा महानगर अध्यक्ष सत्यपाल सिंह चौहान, भाजपा महानगर अध्यक्ष सतीश दिवाकर, भूमि संरक्षण अधिकारी प्रमोद कुमार तथा बड़ी संख्या में किसान उपस्थित रहे।





