सत्ता की परतें: वादों की हवा और आमजन की वास्तविकता
सत्तापक्ष चाहे कांग्रेस का हो या भारतीय जनता पार्टी का—कोई भी दल पूर्णतः ईमानदार, निष्पक्ष और पारदर्शी नहीं होता। ये […]
पंजाब में बाढ़ आखिर क्यों – क्या प्रकृति रुष्ट है?
पंजाब में बाढ़ को केवल प्राकृतिक आपदा कहना सही नहीं होगा। नदियों का स्वरूप, असामान्य बारिश और जलवायु परिवर्तन तो […]
ध्यानचंद की हॉकी स्टिक में था ‘जादू’!
प्रतिवर्ष 29 अगस्त को भारत में हॉकी के पूर्व कप्तान मेजर ध्यानचंद के जन्मदिन को ‘खेल दिवस’ के रूप में […]
ज्ञान के केंद्रों पर लगता ताला
पिछले दिनों एक रील प्रसारित हो रही थी। एक छोटा सा बच्चा कांवड़ लेकर जा रहा है और लोग भी […]
निंदा का स्वरूप ही हीनता और कमजोरी का होता है
वर्तमान समाज में जब निंदा की बात आती है तो दो वर्ग सामने आते हैं, पहला मिशनरी निंदक और दूसरा […]
मुंशी प्रेमचंद: जिनकी कहानियों में सांस लेता है भारत
आधुनिक हिन्दी साहित्य के पितामह और उपन्यास सम्राट महान् कथाकार मुंशी प्रेमचंद ने अपने लेखन के माध्यम से न सिर्फ […]






