पंडित अनुपम दुबे: कानपुर देहात। डिजिटल युग में तेजी से बढ़ते साइबर अपराधों की रोकथाम एवं नागरिकों को ऑनलाइन ठगी से बचाने के उद्देश्य से कानपुर देहात पुलिस द्वारा ईको पार्क, माती में “साइबर सुरक्षा जागरूकता कार्यशाला” का भव्य आयोजन किया गया। इस अवसर पर अपर पुलिस महानिदेशक, कानपुर जोन, आलोक सिंह तथा पुलिस उपमहानिरीक्षक, कानपुर रेंज, हरीश चन्दर मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे।
कार्यक्रम में पुलिस अधीक्षक कानपुर देहात श्रद्धा नरेन्द्र पाण्डेय, पुलिस विभाग के वरिष्ठ अधिकारी, विभिन्न विभागों के प्रतिनिधि, विद्यालयों के छात्र-छात्राएँ, बैंकिंग क्षेत्र से जुड़े अधिकारी एवं स्थानीय नागरिक बड़ी संख्या में शामिल हुए।
साइबर सुरक्षा पर विशेषज्ञ
कार्यशाला के दौरान साइबर विशेषज्ञ राहुल मिश्रा (Director, Innovador Infotech) ने प्रतिभागियों को ऑनलाइन फ्रॉड, फिशिंग, OTP ठगी, सोशल इंजीनियरिंग और डिजिटल पेमेंट से जुड़ी धोखाधड़ी के तरीकों से अवगत कराया। लाइव डेमो के माध्यम से उन्होंने बताया कि किस प्रकार UPI फ्रॉड, फेक कॉल व SMS स्कैम किए जाते हैं और उनसे बचाव के क्या उपाय अपनाने चाहिए। उन्होंने प्रतिभागियों को साइबर सुरक्षा का “3S फॉर्मूला – Stop, Scan, Share Wisely” अपनाने की सलाह दी।
प्रसिद्ध साइबर सिक्योरिटी एक्सपर्ट अमित दुबे ने साइबर अपराधों के नवीन ट्रेंड्स, डार्क वेब, डेटा चोरी और सोशल मीडिया स्कैम्स पर विस्तार से चर्चा की। उन्होंने कहा, “सुरक्षा तकनीक से नहीं, समझदारी से शुरू होती है।” युवाओं को डिजिटल साक्षर बनने और साइबर सुरक्षा को अपने जीवन का हिस्सा बनाने की अपील की।
मुख्य अतिथियों का संबोधन
अपर पुलिस महानिदेशक आलोक सिंह ने कहा कि साइबर जागरूकता आज के समय की सबसे बड़ी आवश्यकता है। उन्होंने नागरिकों से अपील की कि वे अपने मोबाइल, बैंकिंग एप्स और सोशल मीडिया खातों को सुरक्षित रखें और किसी भी साइबर अपराध की स्थिति में तुरंत cybercrime या डायल 1930 हेल्पलाइन के माध्यम से रिपोर्ट करें।
पुलिस उपमहानिरीक्षक हरीश चन्दर ने कहा कि पुलिस विभाग लगातार तकनीकी उन्नयन के माध्यम से साइबर अपराधों की जांच को और अधिक प्रभावी बनाने की दिशा में कार्य कर रहा है। उन्होंने युवाओं से आग्रह किया कि वे स्वयं जागरूक रहें और अपने परिजनों को भी साइबर सुरक्षा के प्रति सचेत करें।
वहीं, वर्चुअल माध्यम से पुलिस महानिदेशक, उत्तर प्रदेश ने भी कार्यक्रम को संबोधित किया। उन्होंने कहा कि आधुनिक तकनीक जहां सुविधाएं प्रदान कर रही है, वहीं साइबर अपराधी इसका दुरुपयोग कर भोले-भाले लोगों को ठगने के नए तरीके खोज रहे हैं। उन्होंने नागरिकों से अपील की कि OTP, पासवर्ड, बैंक डिटेल्स जैसी गोपनीय जानकारी किसी के साथ साझा न करें।
कार्यक्रम के अंत में अपर पुलिस महानिदेशक आलोक सिंह ने साइबर एक्सपर्ट राहुल मिश्रा और अमित दुबे को उत्कृष्ट योगदान के लिए प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया। पुलिस अधीक्षक श्रद्धा नरेन्द्र पाण्डेय ने अतिथियों एवं प्रतिभागियों का आभार व्यक्त किया और कहा कि इस प्रकार की कार्यशालाएं आगे भी आयोजित की जाती रहेंगी, ताकि अधिक से अधिक नागरिक साइबर अपराधों के प्रति जागरूक हो सकें। कार्यक्रम का समापन राष्ट्रीय गीत ‘वन्दे मातरम्’ के 150 वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष्य में सामूहिक गायन के साथ हुआ, जहां उपस्थित सभी लोगों ने राष्ट्रीय एकता और साइबर सुरक्षा के संकल्प को दोहराया।
साइबर सुरक्षा के प्रति जनजागरूकता हेतु आयोजित की कार्यशाला





