कानपुर देहात। पुलिस अधीक्षक श्रद्धा नरेंद्र पांडेय (आई.पी.एस.) के निर्देशन में कानपुर देहात यातायात पुलिस द्वारा “सामाजिक जागरूकता एवं सहायता अभियान” संचालित किया जा रहा है। यातायात माह नवंबर 2025 के अंतर्गत यह अभियान सड़क सुरक्षा को सुदृढ़ बनाने और एक संवेदनशील समाज के निर्माण के उद्देश्य से चलाया जा रहा है। इस व्यापक अभियान में उपजिलाधिकारी अकबरपुर, एआरटीओ, ईओ, और प्रभारी निरीक्षक अकबरपुर सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी सहभागी बने। अभियान का मुख्य उद्देश्य “सुरक्षा और संवेदना का सफर” की अवधारणा को जन-जन तक पहुँचाना है, जिसके तहत पुलिस न केवल यातायात नियमों के प्रवर्तन में सक्रिय है बल्कि जन-कल्याण और सामाजिक उत्तरदायित्व के प्रति भी प्रतिबद्ध है।
यातायात नियमों के प्रति जनजागरूकता
यातायात पुलिस टीमों द्वारा जनपद की प्रमुख सड़कों और सार्वजनिक स्थलों पर नागरिकों को यातायात नियमों की जानकारी दी जा रही है। वाहन चालकों को हेलमेट व सीट बेल्ट के उपयोग, शराब पीकर वाहन न चलाने, ओवरलोडिंग के खतरों और सड़क संकेतों के पालन की महत्ता समझाई जा रही है। हजारों नागरिकों तक इस जागरूकता संदेश को पहुँचाया गया है।
निवारक उपाय के रूप में हेलमेट वितरण
यातायात पुलिस ने एक अनूठी पहल करते हुए हेलमेट न पहनने वाले चालकों का चालान करने के बजाय उन्हें निःशुल्क हेलमेट वितरित किए। इस मानवीय प्रयास की आम नागरिकों द्वारा व्यापक सराहना की जा रही है।
रात्रिकालीन दुर्घटनाओं की रोकथाम हेतु रिफ्लेक्टर अभियान
रात में दृश्यता कम होने से होने वाली दुर्घटनाओं को रोकने के लिए यातायात पुलिस द्वारा ट्रैक्टर, ट्रॉली और मंदगति वाहनों पर रिफ्लेक्टिव टेप लगाए जा रहे हैं, जिससे सड़क दुर्घटनाओं की संभावना को कम किया जा सके।
सामाजिक संवेदनशीलता – शीतलहर से राहत अभियान
बढ़ती ठंड को देखते हुए पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर यातायात पुलिस ने गरीब और असहाय लोगों के बीच गर्म कपड़े, स्वेटर, शॉल और जैकेट वितरित किए। यह पहल पुलिस के मानवीय और सहयोगी स्वरूप को प्रदर्शित करती है।
इस अभियान से न केवल सड़क सुरक्षा को बढ़ावा मिला है, बल्कि पुलिस और जनता के बीच आपसी विश्वास भी मजबूत हुआ है। आने वाले दिनों में इस अभियान को स्कूलों, कॉलेजों और डिजिटल प्लेटफॉर्म्स के माध्यम से और व्यापक रूप से संचालित किया जाएगा। जनपद कानपुर देहात पुलिस ने नागरिकों से अपील की है कि वे इस “सुरक्षा और संवेदना के सफर” में सक्रिय सहयोग करें, ताकि जनपद को दुर्घटनामुक्त और सुरक्षित बनाया जा सके।





