कानपुर देहात। जिलाधिकारी कपिल सिंह की अध्यक्षता में मॉ मुक्तेश्वरी देवी सभागार, कलेक्ट्रेट में पराली प्रबंधन एवं आईजीआरएस की समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में मुख्य विकास अधिकारी लक्ष्मी एन. सहित संबंधित विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे, जबकि एसडीएम एवं अन्य अधिकारी वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से जुड़े।
जिलाधिकारी ने कहा कि पराली जलाने से वायु प्रदूषण की गंभीर समस्या उत्पन्न होती है, इसलिए अधिकारी ग्राम स्तर पर जाकर किसानों को पराली न जलाने के प्रति जागरूक करें। ग्राम प्रधानों, सचिवों और कृषक मित्रों के माध्यम से व्यापक जनजागरूकता अभियान चलाने के निर्देश दिए गए, ताकि किसान पराली का उपयोग खाद निर्माण, पशु आहार या मल्चर मशीनों के माध्यम से कर सकें। उन्होंने चेतावनी दी कि पराली जलाने वाले किसानों पर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
आईजीआरएस शिकायतों की समीक्षा करते हुए जिलाधिकारी ने कहा कि सभी शिकायतों का गुणवत्तापूर्ण निस्तारण समय सीमा के भीतर किया जाए। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि शिकायतकर्ताओं से फोन पर संवाद कर उनकी समस्याओं का समाधान सुनिश्चित करें।
जिलाधिकारी ने कहा कि सभी अधिकारी प्रतिदिन प्रातः 10 से 12 बजे तक जनसुनवाई करें और शिकायतकर्ताओं के साथ शालीनता एवं संवेदनशीलता से व्यवहार करें। बैठक में अपर जिलाधिकारी प्रशासन अमित कुमार, अपर जिलाधिकारी वित्त एवं राजस्व दुष्यंत कुमार मौर्य, मुख्य चिकित्साधिकारी डा0 ए.के. सिंह, डीडीओ सुनील कुमार तिवारी, परियोजना अधिकारी वीरेन्द्र सिंह, डीएफओ एके पाण्डेय, जिला प्रोबेशन अधिकारी रेनू यादव, जिला विद्यालय निरीक्षक बृजभूषण चौधरी, जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी अजय कुमार मिश्र, जिला पंचायत राज अधिकारी विकास पटेल, डीएसटीओ प्रतिभा सिंह, सहित संबंधित विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।
जिलाधिकारी ने पराली प्रबंधन और आईजीआरएस की समीक्षा बैठक में दिए निर्देश





