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बिजली बिल राहत योजना 2025-26 से उपभोक्ताओं को मिलेगी भारी छूट एवं सरचार्ज माफी

पंडित अनुपम दुबे : कानपुर देहात। जिलाधिकारी कपिल सिंह ने अवगत कराया कि उत्तर प्रदेश सरकार ने घरेलू एवं वाणिज्यिक उपभोक्ताओं को राहत प्रदान करने तथा ऊर्जा क्षेत्र में पारदर्शिता बढ़ाने के उद्देश्य से बिजली बिल राहत योजना 2025-26 प्रारंभ की है। यह जनहितैषी योजना लाखों उपभोक्ताओं को बढ़ते बिलों के आर्थिक बोझ से मुक्ति दिलाने के साथ लंबे समय से बकाया उपभोक्ताओं और विधिक विद्युत आपूर्ति से वंचित परिवारों को पुनः मुख्यधारा से जोड़ने का सशक्त माध्यम बनेगी। योजना का मुख्य फोकस नेवर पेड (कभी बिल न जमा करने वाले), लॉन्ग अनपेड (लंबे समय से बकाया) तथा विद्युत चोरी प्रकरणों को वैध व्यवस्था में लाना है, ताकि उपभोक्ता आसानी से नियमित कनेक्शन से जुड़ सकें और वितरण निगमों की राजस्व वसूली पारदर्शी व मजबूत हो सके। यह योजना 1 दिसम्बर 2025 से 28 फरवरी 2026 तक तीन चरणों में पूरे प्रदेश में लागू की जाएगी। पात्रता के अनुसार LMV-1 घरेलू श्रेणी में 2 किलोवाट तक तथा LMV-2 वाणिज्यिक श्रेणी में 1 किलोवाट तक भार वाले उपभोक्ता लाभ उठा सकेंगे। पंजीकरण वितरण निगमों के कार्यालयों, वेबसाइट, मोबाइल एप और कॉमन सर्विस सेंटरों के माध्यम से होगा।

पंजीकरण की तिथियाँ :
• प्रथम चरण : 01 दिसम्बर – 31 दिसम्बर 2025
• द्वितीय चरण : 01 जनवरी – 31 जनवरी 2026
• तृतीय चरण : 01 फरवरी – 28 फरवरी 2026

उपभोक्ता न्यूनतम 200 जमा कर योजना में पंजीकरण करा सकेंगे।

बकाया भुगतान के विकल्प
  1. एकमुश्त भुगतान
    – कुल बकाया पर अधिकतम 25% छूट
    100% सरचार्ज माफी
  2. तीन किश्तें (₹750 प्रत्येक)
    – अधिकतम 20% छूट
    पूर्ण सरचार्ज माफी
  3. तीन किश्तें (₹500 प्रत्येक)
    15% छूट
    100% सरचार्ज माफी

बिलिंग आउटलाइनर श्रेणी के उपभोक्ताओं के लिए भी विशेष राहत का प्रावधान किया गया है, ताकि उनकी बिलिंग विसंगतियाँ दूर होकर उन्हें पुनः नियमित विद्युत आपूर्ति मिल सके। विद्युत चोरी के मामलों में 40–50% तक की छूट देकर प्रकरणों के त्वरित निस्तारण और नए कनेक्शन की सरल प्रक्रिया सुनिश्चित की गई है। योजना की मुख्य विशेषताओं में पारदर्शिता, सरल प्रक्रिया, डिजिटल प्रणाली, त्वरित सेवा और उपभोक्ता केंद्रित दृष्टिकोण शामिल है। सभी वितरण निगमों को दैनिक ऑनलाइन मॉनिटरिंग, पोर्टल अपडेट, उपभोक्ता फीडबैक और प्रगति समीक्षा करने के निर्देश दिए गए हैं। फील्ड कर्मचारियों और बिलिंग एजेंसियों को प्रशिक्षण व आवश्यक संसाधन उपलब्ध कराए गए हैं। योजना के व्यापक प्रचार-प्रसार हेतु इलेक्ट्रॉनिक मीडिया, समाचार पत्र, सोशल मीडिया, निगमों के प्रचार वाहन और जनप्रतिनिधि सक्रिय रूप से जागरूकता अभियान चलाएंगे। उपभोक्ता सुविधाओं के लिए 24×7 कॉल सेंटर, हेल्पलाइन, पोर्टल और मोबाइल एप उपलब्ध रहेंगे, जिन पर पंजीकरण, शिकायत निस्तारण, दस्तावेज सत्यापन और पात्रता जांच की सेवाएँ त्वरित प्रदान की जाएंगी। जिलाधिकारी ने बताया कि यह योजना गरीब, मजदूर, किसान, छोटे दुकानदार, ग्रामीण और शहरी गरीबों सहित मध्यम वर्गीय परिवारों के लिए आर्थिक संबल सिद्ध होगी। साथ ही प्रदेश में ऊर्जा सशक्तिकरण, राजस्व वृद्धि और उपभोक्ता सेवा में सकारात्मक परिवर्तन लाएगी। जिन उपभोक्ताओं के कनेक्शन बकाया या विद्युत चोरी के कारण विच्छेदित हो चुके हैं, वे भी पात्रता मानकों के अंतर्गत पुनः जुड़ सकेंगे। शासन ने सभी जिलों व वितरण निगमों को निर्देश दिया है कि योजना का क्रियान्वयन पूर्ण पारदर्शिता और प्राथमिकता के साथ हो तथा शिकायतों का निस्तारण समयबद्ध किया जाए। जिलाधिकारी ने उपभोक्ताओं से अपील की कि वे निर्धारित अवधि में पंजीकरण कर अधिकतम लाभ प्राप्त करें, जिससे भविष्य में बिल, सरचार्ज, कनेक्शन बाधा और कानूनी जटिलताओं से बचा जा सके। यह योजना प्रदेश की ऊर्जा व्यवस्था को अधिक प्रभावी और जन-सहभागी बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है।

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