नगर के जैन मंदिरों में विधि-विधान से हुई पूजा-अर्चना
फिरोजाबाद। जैन धर्म के आठवें तीर्थंकर भगवान चंद्रप्रभु का जन्म कल्याणक एवं 23वें तीर्थंकर भगवान पार्श्वनाथ का तप कल्याणक महोत्सव नगर के विभिन्न जैन मंदिरों में श्रद्धा एवं उत्साह के साथ मनाया गया। इस अवसर पर जैन बंधुओं ने श्रीजी के जयकारे लगाए और बड़ी संख्या में जिनभक्तों ने धर्म लाभ प्राप्त किया।
नगर के सभी जैन मंदिरों में भगवान चंद्रप्रभु एवं भगवान पार्श्वनाथ के जन्म एवं तप कल्याणक महोत्सव विधि-विधान के साथ संपन्न हुए। चंद्रप्रभु दिगंबर जैन मंदिर, दिगंबर जैन मंदिर बड़ी छपेटी, पार्श्वनाथ दिगंबर जैन मंदिर जैन नगर, शांतिनाथ दिगंबर जैन मंदिर विभव नगर, महावीर दिगंबर जैन मंदिर गांधी नगर, सेठ छदामीलाल जैन मंदिर तथा शीतलनाथ रत्नत्रय जिनालय नसिया में विशेष धार्मिक अनुष्ठान किए गए।
शीतलनाथ रत्नत्रय जिनालय नसिया में मुनि अमित सागर एवं मुनि एकत्व सागर महाराज के सान्निध्य में दो पांडुक शिलाओं पर भगवान चंद्रप्रभु एवं भगवान पार्श्वनाथ का जिनाभिषेक एवं शांतिधारा संपन्न हुई। इसके पश्चात संगीतमय वातावरण में भगवान चंद्रप्रभु एवं पार्श्वनाथ विधान का आयोजन किया गया। इंद्र स्वरूप धारण किए जिनभक्तों ने वेदी के सम्मुख बने विशाल विधान मंडल पर मंत्रोच्चारण के साथ अष्ट द्रव्य के अर्घ्य समर्पित किए।
सायंकाल भगवान की सामूहिक आरती की गई, जिसमें श्रद्धालुओं ने भावपूर्वक सहभागिता निभाई। महोत्सव में राजीव जैनू, संजय जैन (पीआरओ), आदीश जैन, अनुज जैन (तुलसी बिहार), निर्मल जैन, बबलेश जैन, अलका जैन, राजेश जैन, रजत जैन, गौरव जैन, डॉ. भानु कुमार जैन, स्नेह कुमार जैन, मोना जैन, निधि जैन, विमल जैन सहित बड़ी संख्या में जैन समाज के लोग उपस्थित रहे।





