कानपुर नगर। चकबंदी कार्यों में जनपद कानपुर नगर ने प्रदेश स्तर पर उल्लेखनीय उपलब्धि हासिल की है। चकबंदी आयुक्त कार्यालय, उत्तर प्रदेश द्वारा शुक्रवार को जारी वर्ष 2025 की रैंकिंग में कानपुर नगर को प्रदेश में दूसरा स्थान प्राप्त हुआ है।
रैंकिंग निर्धारण में ग्रामों की धारा 10, 23, 24 एवं 52 के अंतर्गत प्रगति का औसत प्रतिशत, वादों के निस्तारण का औसत प्रतिशत तथा शिकायतों के निस्तारण से संतुष्ट खातेदारों के प्रतिशत को आधार बनाया गया। प्रदेश में प्रथम स्थान भदोही को प्राप्त हुआ है, जबकि औरैया, कानपुर देहात एवं बांदा क्रमशः तीसरे, चौथे एवं पांचवें स्थान पर रहे। भदोही को 84.23 प्रतिशत, कानपुर नगर को 83.53 प्रतिशत, औरैया को 82.33 प्रतिशत, कानपुर देहात को 81.54 प्रतिशत तथा बांदा को 81.05 प्रतिशत अंक प्राप्त हुए हैं।
वित्तीय वर्ष 2025-26 में जनपद कानपुर नगर के कुल 42 ग्राम चकबंदी प्रक्रिया के अंतर्गत रहे। इनमें से दो ग्रामों में धारा 52 की कार्यवाही पूर्ण हो चुकी है, जिससे इन ग्रामों में चकबंदी प्रक्रिया समाप्त हो गई है। शेष 40 ग्रामों में चकबंदी की प्रक्रिया वर्तमान में प्रगति पर है।
चकबंदी प्रक्रिया के अंतर्गत कृषकों की पृथक-पृथक भूमियों को एकत्र कर उन्हें एक, दो अथवा तीन चक प्रदान किए जाते हैं। प्रत्येक चक में सिंचाई हेतु नालियों तथा आवागमन के लिए चकमार्ग की व्यवस्था की जाती है। गांव में चौड़े सेक्टर मार्ग सुनिश्चित किए जाते हैं। इसके साथ ही आबादी विस्तार, खेल मैदान, प्राथमिक पाठशाला, जल निकासी, पार्क, आंगनबाड़ी केंद्र सहित अन्य सार्वजनिक उपयोगों के लिए भूमि सुरक्षित की जाती है। यह भूमि कृषकों से सामान्यतः लगभग पांच प्रतिशत कटौती के आधार पर प्राप्त की जाती है। चकबंदी के दौरान खातेदारों के खातों का विभाजन, विरासत एवं बैनामों का दाखिल-खारिज जैसे कार्य गांव में ही संपन्न कराए जाते हैं।
जनपद कानपुर नगर में कुल 1113 राजस्व ग्राम हैं, जिनमें तहसील बिल्हौर के 411, तहसील सदर के 269, तहसील नरवल के 207 तथा तहसील घाटमपुर के 236 ग्राम शामिल हैं। इनमें से 972 ग्रामों में चकबंदी की प्रक्रिया पूर्ण हो चुकी है।
इस उपलब्धि पर जिलाधिकारी जितेंद्र प्रताप सिंह ने कहा कि चकबंदी किसानों के हितों से सीधे जुड़ी प्रक्रिया है और इसका समयबद्ध एवं पारदर्शी क्रियान्वयन प्रशासन की प्राथमिकता है। उन्होंने कहा कि निरंतर निगरानी और नियमित समीक्षा से कार्यों की गुणवत्ता सुनिश्चित हुई है।
जिलाधिकारी ने अपर जिलाधिकारी सिविल सप्लाई आशुतोष कुमार दुबे एवं एसओसी मोहम्मद असलम सहित चकबंदी विभाग की पूरी टीम को इस उपलब्धि के लिए बधाई देते हुए कार्यों की गति बनाए रखने के निर्देश दिए।





