कानपुर: जन सामना डेस्क। अधिवक्ता संशोधन विधेयक-2026 के विरोध में अधिवक्ताओं ने जोरदार प्रदर्शन किया। अधिवक्ताओं ने शताब्दी गेट पहुंचकर विधेयक की प्रतियां फाड़ीं और नारेबाजी करते हुए संशोधन विधेयक को तत्काल वापस लेने की मांग की।
प्रदर्शन के दौरान अधिवक्ताओं ने ‘बिना सुरक्षा, बीमा, इलाज और पेंशन के अधिवक्ता संशोधन विधेयक धोखा है’, ‘संशोधन विधेयक-2026 वापस लो, वापस लो’ जैसे नारे लगाए।
लॉयर्स एसोसिएशन के पूर्व अध्यक्ष पं. रवीन्द्र शर्मा ने कहा कि वर्तमान में 750 रुपये के पंजीकरण शुल्क को बढ़ाकर प्रस्तावित 22,500 रुपये करना आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के युवाओं को वकालत के पेशे से दूर करने का प्रयास है। उन्होंने कहा कि इससे अधिवक्ता पेशा केवल संपन्न परिवारों तक सीमित होकर रह जाएगा।
उन्होंने कहा कि जब तक एडवोकेट प्रोटेक्शन एक्ट लागू करने का प्रस्ताव, अधिवक्ता कल्याण निधि, बीमा सुविधा, वरिष्ठ अधिवक्ताओं के लिए पेंशन योजना तथा अधिवक्ताओं एवं उनके परिवार के लिए कैशलेस इलाज जैसी सुविधाओं का स्पष्ट प्रावधान नहीं किया जाता, तब तक यह संशोधन विधेयक अधूरा और निरर्थक है।
प्रदर्शन में प्रमुख रूप से कुलदीप आनंद, विजय कुमार, इशू सोनकर, भगवत प्रसाद, कुलदीप यादव, संजीव कपूर, आयुष शुक्ला, अंसार, बृजेंद्र सिंह, जितेंद्र कुमार, शिवम गंगवार, इंद्रेश मिश्रा, वीर जोशी सहित बड़ी संख्या में अधिवक्ता उपस्थित रहे।
अधिवक्ता संशोधन विधेयक की प्रतियां फाड़ जताया विरोध





