आगरा/मथुरा। 11 जनवरी को प्रातः लगभग 10:00 बजे आगरा रेलवे स्टेशन के प्लेटफार्म संख्या 01 पर ब्रिज के पास दो नाबालिग बच्चे अपने माता-पिता से बिछड़े हुए पाए गए। एक यात्री द्वारा दोनों बच्चों—सूर्यांश (उम्र लगभग 2 वर्ष) एवं शांति (उम्र लगभग 6 वर्ष)—को उप स्टेशन प्रबंधक वाणिज्य कार्यालय, आगरा में ऑन ड्यूटी डिप्टी एस.एस. रवि कुमार के पास लाया गया।
यात्री ने बताया कि दोनों बच्चे अपने माता-पिता से बिछड़ गए हैं और भयभीत अवस्था में हैं। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए डिप्टी एस.एस. रवि कुमार द्वारा तत्काल रेल सुरक्षा बल (आरपीएफ) आगरा तथा चाइल्ड केयर लाइन आगरा को सूचना दी गई।
बच्चों से बातचीत के दौरान जानकारी मिली कि उनके पिता का नाम पिंटू तथा चाचा का नाम सुमित है और वे लोना, जनपद हरदोई (उत्तर प्रदेश) के निवासी हैं। बच्चे किसी ट्रेन से उतरते समय अपने परिजनों से बिछड़ गए थे।
इसके पश्चात डिप्टी एस.एस. कार्यालय से बच्चों के पिता के नाम से तुरंत उद्घोषणा करवाई गई। उद्घोषणा सुनते ही बच्चों के माता-पिता, जो स्टेशन परिसर में उनकी तलाश कर रहे थे, कार्यालय पहुंचे। आवश्यक पहचान की पुष्टि के बाद दोनों बच्चों को रेल सुरक्षा बल को सुपुर्द किया गया, जिन्होंने नियमानुसार बच्चों को सुरक्षित रूप से उनके माता-पिता को सौंप दिया।
रेलवे स्टाफ, आरपीएफ एवं चाइल्ड केयर लाइन के आपसी समन्वय और तत्परता के कारण दोनों नाबालिग बच्चों को सुरक्षित रूप से उनके परिजनों से मिलाया जा सका।





