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युद्ध के विरोध में मथुरा में निकाला गया नागरिक शांति मार्च

मथुरा। “युद्ध नहीं, बुद्ध चाहिए” और “अमेरिका-इजरायल होश में आओ, जंगखोरी पर रोक लगाओ” जैसे नारों के साथ मथुरा में नागरिक शांति मार्च निकाला गया। मार्च के माध्यम से मध्य एशिया में तत्काल युद्धविराम लागू करने की मांग उठाई गई तथा निर्दोष लोगों के नरसंहार का विरोध किया गया। यह नागरिक शांति मार्च स्थानीय स्तर पर अखिल भारतीय सांप्रदायिकता विरोधी समिति के तत्वावधान में आयोजित किया गया, जिसमें कांग्रेस, सपा और वाम दलों से जुड़े सैकड़ों शांतिप्रिय नागरिकों ने भाग लिया। मार्च की शुरुआत स्थानीय भगत सिंह पार्क से शहीद प्रतिमा पर माल्यार्पण कर की गई, जो विकास मार्केट स्थित गांधी स्मारक पर पहुंचकर सभा में परिवर्तित हो गया। सभा की अध्यक्षता शिवदत्त चतुर्वेदी ने की।

सभा को संबोधित करते हुए जिला कांग्रेस अध्यक्ष मुकेश धनगर ने अमेरिका और इजरायल द्वारा ईरान पर किए गए हमलों की कड़ी निंदा की। उन्होंने आरोप लगाया कि मोदी सरकार ने अमेरिका के सामने राष्ट्रीय संप्रभुता का समर्पण कर दिया है। भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी के वरिष्ठ नेता गफ्फार अब्बास एडवोकेट, सीपीएम के जिला मंत्री टीकेंद्र शाद तथा कम्युनिस्ट पार्टी (माले) के नेता नशीर शाह एडवोकेट ने अमेरिकी साम्राज्यवादी नीतियों की आलोचना करते हुए कहा कि अमेरिका विश्व को युद्ध की आग में झोंकने की कोशिश कर रहा है। वक्ताओं ने कहा कि वेनेजुएला की आजादी का गला घोंटने के बाद अब ईरान और मध्यपूर्व के तेल उत्पादक देश उसके निशाने पर हैं।

अपने अध्यक्षीय उद्बोधन में शिवदत्त चतुर्वेदी ने कहा कि जब ट्रंप अपनी मर्जी से न्यूयॉर्क का मेयर तय नहीं कर सकते, तो दूसरे देशों के राष्ट्राध्यक्ष बदलने का अधिकार उन्हें किसने दिया। वक्ताओं ने यह भी आरोप लगाया कि एफस्टीन फाइल और अदाणी मामले के कारण मोदी सरकार अपनी नैतिक क्षमता खो चुकी है और ट्रंप के दबाव में देशहितों को दांव पर लगा रही है। रूसी तेल आयात पर अमेरिकी अंकुश और अनुमति को वक्ताओं ने राष्ट्रीय गौरव पर आघात बताया।

कार्यक्रम का संयोजन करते हुए जिला कांग्रेस महामंत्री वैद्य मनोज गौड़ ने ट्रंप और नेतन्याहू को विश्व शांति का शत्रु बताया। इस अवसर पर मधुवन दत्त चतुर्वेदी, उपेंद्रनाथ चतुर्वेदी, सौरभ इंसान, विक्रम वाल्मीकि, याकूब शाह, दिनेश बिंदल, राधा चौधरी, फतेह सिंह एडवोकेट, उमाशंकर शर्मा, रवि शर्मा, कीर्ति कुमार कौशिक, महेश चौबे और भारत सेठ सहित कई लोगों ने अपने विचार व्यक्त किए।

मार्च और सभा में चौधरी सोहनलाल, वीरेंद्र सिंह, अमित चतुर्वेदी, अशफाक, दुर्गा सिंह, रूप किशोर शर्मा, सुनील उपाध्याय, राजू पहलवान, विष्णु, हरिश्चंद्र सिकरवार, अर्पित जादौन, बनवारी लाल एडवोकेट, गरीबदास, जावेद, बच्चू सिंह, डॉ. देवेंद्र गुलशन, आरके सक्सेना, सुशील कुमार सागर एडवोकेट, प्रहलाद यादव, आशीष अग्रवाल, मोहम्मद दिलशाद, मोहम्मद शमी, लाल सिंह, लक्ष्मण लवानिया सहित अनेक नागरिकों की उपस्थिति उल्लेखनीय रही।

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