कानपुर। विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (UGC) द्वारा लागू किए गए नए नियमों (UGC Act 2026) को “काला कानून” करार देते हुए आज श्री राजपूत करणी सेना और विभिन्न छात्र संगठनों ने प्रदेश व्यापी विरोध प्रदर्शन किया। कानपुर में भारी संख्या में जुटे कार्यकर्ताओं और सामान्य वर्ग के युवाओं ने कलेक्ट्रेट का घेराव किया और जिला प्रशासन के माध्यम से देश के प्रधानमंत्री और शिक्षा मंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा।
करणी सेना के पदाधिकारियों ने ज्ञापन के माध्यम से केंद्र सरकार के समक्ष निम्नलिखित बिंदु रखे हैं:
भेदभावपूर्ण नीतियां: प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि नए नियमों में केवल विशेष वर्गों (SC/ST/OBC) के हितों की बात की गई है, जबकि सामान्य वर्ग के छात्रों के साथ होने वाले भेदभाव को नजरअंदाज किया गया है।
झूठी शिकायतों का डर: नए कानून में झूठी शिकायत दर्ज कराने वालों के खिलाफ सजा के प्रावधान को हटाने का कड़ा विरोध किया जा रहा है। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि इससे निर्दोष छात्रों और शिक्षकों को फंसाने और ब्लैकमेल करने की घटनाएं बढ़ेंगी।
समानता का अधिकार: करणी सेना ने मांग की है कि कानून सबके लिए समान होना चाहिए और इसमें “ईडब्ल्यूएस” (EWS) श्रेणी के छात्रों के हितों की भी रक्षा की जानी चाहिए।
प्रदर्शन के दौरान करणी सेना के नेतृत्व ने स्पष्ट रूप से कहा कि यदि सरकार इस “काले कानून” को वापस नहीं लेती है या इसमें संशोधन नहीं करती है, तो यह आंदोलन केवल उत्तर प्रदेश तक सीमित नहीं रहेगा। आगामी 7 फरवरी 2026 से पूरे देश में चरणबद्ध तरीके से प्रदर्शन और “भारत बंद” जैसी रणनीति पर विचार किया जाएगा। इस अवसर पर हरिराज सिंह राजावत, राजा ठाकुर, दीपक सिंह, रंजना सिंह, पूजा चौहान, विमलेश चंदेल, मन्जू अवस्थी, पूजा यादव, मनोज सेंगर, नीलम चन्देल, सुधा, प्रभा तिवारी, अमित शर्मा, सीमा सिंह, नीतू सिंह, रणधीर सिंह चौहान सहित अनेक लोग मौजूद रहे।
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