• Home
  • बागपत
  • इलाहाबाद हाईकोर्ट की बागपत जिलाधिकारी को अंतिम चेतावनी

इलाहाबाद हाईकोर्ट की बागपत जिलाधिकारी को अंतिम चेतावनी

➢ 5 फरवरी को पेश होने के निर्देश
विश्व बंधु शास्त्री: बागपत। इलाहाबाद हाईकोर्ट ने मोहम्मद अरशद बनाम उत्तर प्रदेश राज्य मामले में बागपत प्रशासन की कार्यप्रणाली पर कड़ी नाराजगी व्यक्त की है। न्यायमूर्ति नीरज तिवारी और न्यायमूर्ति गरिमा प्रसाद की खंडपीठ ने जिलाधिकारी बागपत को सख्त चेतावनी देते हुए निर्देश दिया है कि यदि मामले में प्रभावी पैरवी सुनिश्चित नहीं की गई, तो उन्हें 5 फरवरी को व्यक्तिगत रूप से न्यायालय में उपस्थित होना होगा।
दरअसल, यह मामला अमीनगर सराय क्षेत्र में भू-माफियाओं द्वारा अवैध कब्जे और लगभग 1.25 करोड़ रुपये के भारी गबन से जुड़ा है, जिसमें अमीनगर सराय नगर पंचायत की चेयरपर्सन सुनीता मलिक के पति अनिल और बेटे शशांक मलिक की भूमिका पर सवाल उठे हैं। कोर्ट ने इस प्रकरण की गंभीरता को देखते हुए रजिस्ट्रार को भी आदेशित किया है कि 48 घंटे के भीतर अनुपालन रिपोर्ट पेश की जाए।
इससे पूर्व, मेरठ मंडल के आयुक्त कार्यालय की ओर से भी जिलाधिकारी बागपत को पत्र भेजकर इस रिट पिटीशन (संख्या-43712/2025) में प्रभावी पैरवी करने के निर्देश दिए गए थे। न्यायालय ने 16 जनवरी को हुई सुनवाई में जिलाधिकारी को प्रतिवादी के रूप में शामिल करने और संबंधित पक्षों को निर्देश जारी किए थे। प्रशासन की ढिलाई को देखते हुए अब हाईकोर्ट ने आर-पार की कार्रवाई के संकेत दे दिए हैं, जिससे जिले के प्रशासनिक अमले में हड़कंप मचा हुआ है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Scroll to Top